Chartered Capital & Investment Ltd ने FY26 के लिए अपने नेट प्रॉफिट में **48%** की बड़ी गिरावट दर्ज की है। कंपनी का मुनाफा घटकर **₹2.71 करोड़** रह गया, जो पिछले साल **₹5.39 करोड़** था। अब कंपनी अपना मर्चेंट बैंकिंग लाइसेंस सरेंडर कर रही है ताकि इन्वेस्टमेंट और ट्रेजरी ऑपरेशंस पर ध्यान केंद्रित किया जा सके।
Chartered Capital का फाइनेंशियल ईयर 2026 कैसा रहा?
Chartered Capital & Investment Limited ने अपना एनुअल रिपोर्ट जारी कर दिया है। कंपनी के लिए फाइनेंशियल ईयर 2026 (31 मार्च 2026 को समाप्त) में मुनाफा काफी गिरा है। कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) पिछले साल के ₹5.39 करोड़ से 48% घटकर ₹2.71 करोड़ पर आ गया है।
वहीं, कंपनी की कुल इनकम (Total Income) में भी लगभग 40% की गिरावट देखी गई है। यह ₹11.76 करोड़ से घटकर ₹7.07 करोड़ रह गई है।
मर्चेंट बैंकिंग से एग्जिट
कंपनी ने एक बड़ा स्ट्रेटेजिक फैसला लेते हुए SEBI से मिला अपना कैटेगरी I मर्चेंट बैंकर रजिस्ट्रेशन स्वेच्छा से सरेंडर करने का निर्णय लिया है। SEBI ने 1 जून 2026 से इसे स्वीकार कर लिया है। अब Chartered Capital पूरी तरह से अपने इन्वेस्टमेंट और ट्रेजरी ऑपरेशंस पर ही फोकस करेगी।
निवेशकों के लिए क्या मायने?
मुनाफे और इनकम में आई यह भारी गिरावट सीधे तौर पर शेयरहोल्डर्स के रिटर्न पर असर डालती है और कंपनी की फाइनेंशियल हेल्थ के लिए चिंता का विषय है। मर्चेंट बैंकिंग से निकलकर सिर्फ इन्वेस्टमेंट और ट्रेजरी ऑपरेशंस पर ध्यान केंद्रित करना कंपनी के बिजनेस मॉडल में एक बड़ा बदलाव है, जिसकी सफलता पर भविष्य की ग्रोथ टिकी होगी।
आगे क्या?
कंपनी 17 सितंबर 2026 को अपनी 40वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) आयोजित करेगी। इस मीटिंग में मैनेजमेंट अपनी नई स्ट्रेटेजी और भविष्य की योजनाओं पर और जानकारी दे सकता है। इसके अलावा, मिस्टर मोहिब एन. खेरिका को 1 अप्रैल 2027 से तीन साल के लिए मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर फिर से नियुक्त करने का प्रस्ताव भी है।
निवेशकों को अब कंपनी के इन्वेस्टमेंट और ट्रेजरी ऑपरेशंस में होने वाली परफॉर्मेंस पर बारीकी से नजर रखनी होगी।
