Chandra Bhagat Pharma अपने विस्तार योजनाओं को गति देने के लिए ₹29.04 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। कंपनी 66 लाख कनवर्टिबल वारंट्स ₹44 प्रति वारंट के भाव पर जारी करेगी। साथ ही, कंपनी अपने अधिकृत शेयर कैपिटल को ₹15 करोड़ तक बढ़ाने का प्रस्ताव भी लाई है, जिसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी का इंतजार है।
चंद्र भगत फार्मा की फंड जुटाने की बड़ी योजना
Chandra Bhagat Pharma Limited ने हाल ही में हुई बोर्ड मीटिंग में ₹29.04 करोड़ जुटाने की मंजूरी दे दी है। यह पैसा कंपनी कनवर्टिबल वारंट्स के प्रेफरेंशियल इश्यू के जरिए जुटाएगी। साथ ही, कंपनी अपने ऑथोराइज्ड शेयर कैपिटल को ₹8.5 करोड़ से बढ़ाकर ₹15 करोड़ करने का भी प्लान बना रही है। ये फैसले 5 अगस्त 2026 को हुई बोर्ड मीटिंग में लिए गए।
क्या है कंपनी का प्लान?
कंपनी 66,00,000 कनवर्टिबल वारंट्स जारी करेगी, जिनकी कीमत ₹44 प्रति वारंट होगी। इसमें ₹34 का प्रीमियम भी शामिल है। इस इश्यू से कंपनी को कुल ₹29.04 करोड़ मिलेंगे। खरीदार वारंट्स की कुल कीमत का 25% तुरंत भुगतान करेंगे और बाकी 75% कन्वर्जन के समय देना होगा। ये वारंट्स अलॉटमेंट के 18 महीने के भीतर इक्विटी शेयर्स में बदले जा सकते हैं।
क्यों महत्वपूर्ण है यह कदम?
यह फंड जुटाने का कदम कंपनी की ग्रोथ स्ट्रेटेजी का हिस्सा माना जा रहा है। इससे कंपनी अपनी विस्तार योजनाओं को पूरा कर सकेगी या अपनी बैलेंस शीट को मजबूत कर सकेगी। प्रोमोटर ग्रुप के सदस्य और दो बाहरी निवेशक, समीर रामकांत दवे और चिंतन विजय मखेचा, इस इश्यू में हिस्सा ले रहे हैं, जो कंपनी के भविष्य के प्रति विश्वास दिखाता है।
आगे क्या होगा?
इस प्रेफरेंशियल इश्यू और शेयर कैपिटल में बढ़ोतरी को शेयरधारकों की मंजूरी मिलने के बाद ही अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके लिए 1 सितंबर 2026 को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में वोटिंग होगी। अगर मंजूरी मिल जाती है, तो अगले 18 महीनों में वारंट्स के कन्वर्जन के साथ इक्विटी डाइल्यूशन होगा।
जोखिम क्या हैं?
शेयरधारकों की मंजूरी मिलना इस प्रक्रिया का सबसे अहम पड़ाव है। एजीएम (AGM) में अगर मंजूरी नहीं मिली तो यह प्लान अटक सकता है। इसके अलावा, इस घोषणा के बाद स्टॉक का प्रदर्शन और वारंट्स का वास्तविक कन्वर्जन भी निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण होगा।
