Central Bank of India ने चालू फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही के लिए बेहतरीन नतीजे पेश किए हैं। बैंक का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर **21%** बढ़कर **₹1,469 करोड़** पर पहुंच गया है, वहीं एसेट क्वालिटी भी काफी मजबूत बनी हुई है।
मुनाफे में दम, लोन बुक हुई मजबूत
सितंबर 2026 में खत्म हुई तिमाही के दौरान Central Bank of India का ऑपरेटिंग प्रॉफिट ₹2,268 करोड़ रहा, जिसे ₹4,146 करोड़ की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) से बड़ा सहारा मिला। बैंक ने अपने ग्लोबल एडवांसेज में करीब 30% की जोरदार ग्रोथ दर्ज की है, जो ₹3,81,032 करोड़ तक पहुंच गई है।
RAM सेक्टर का बड़ा योगदान
बैंक का ध्यान रिटेल, एग्रीकल्चर और MSME (RAM) सेगमेंट पर बना हुआ है। केवल रिटेल लोन में 24% से ज्यादा की ग्रोथ देखी गई है, जबकि कॉर्पोरेट लोन बुक में 42% का बड़ा उछाल आया है। एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर बैंक ने Gross NPA को 2.39% के निचले स्तर पर नियंत्रित रखा है।
भविष्य की रणनीति और चुनौतियां
ग्रोथ को रफ्तार देने के लिए बैंक अब गोल्ड लोन मार्केट में बड़ा दांव खेल रहा है और इसके लिए 116 नई समर्पित शाखाएं खोल रहा है। हालांकि, निवेशकों को 1 अप्रैल 2027 से लागू होने वाले 'एक्सपेक्टेड क्रेडिट लॉस' (ECL) नियमों पर नजर रखनी होगी। बैंक को करीब ₹5,000-5,500 करोड़ के प्रोविजनिंग की जरूरत पड़ सकती है, जो शॉर्ट टर्म में नतीजों पर असर डाल सकता है। साथ ही, बैंक का कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो 58.95% है, जिसे मैनेजमेंट 56% तक लाने का लक्ष्य रख रहा है।
