Central Bank of India ने चालू फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही में दमदार प्रदर्शन किया है। बैंक का नेट प्रॉफिट **21.1%** बढ़कर **₹1,468.86 करोड़** पर पहुंच गया है, जिसके पीछे बेहतर कोर इनकम का बड़ा हाथ है।
मुनाफे में इजाफा और एसेट क्वालिटी में सुधार
बैंक ने 30 सितंबर 2026 को समाप्त हुई तिमाही के लिए अपने स्टैंडअलोन फाइनेंशियल नतीजे घोषित किए हैं। पिछले साल की समान तिमाही में बैंक का नेट प्रॉफिट ₹1,212.88 करोड़ था, जो अब बढ़कर ₹1,468.86 करोड़ हो गया है। बैंक की कुल इनकम भी ₹10,212.31 करोड़ से बढ़कर ₹11,737.21 करोड़ दर्ज की गई है।
एसेट क्वालिटी पर नजर डालें तो बैंक ने अपनी बैलेंस शीट को काफी क्लीन किया है। ग्रॉस NPA का आंकड़ा पिछले साल के 3.01% से गिरकर 2.39% पर आ गया है, जो बैंक की रिस्क मैनेजमेंट क्षमता को दर्शाता है। ऑपरेटिंग प्रॉफिट में भी बड़ा उछाल देखने को मिला है, जो पिछले साल के ₹1,785.62 करोड़ के मुकाबले ₹2,268.30 करोड़ रहा।
अकाउंटिंग बदलाव और RBI की गाइडलाइंस
Reserve Bank of India (RBI) के नए निर्देशों के चलते, बैंक ने 18 मई 2026 से अपने 'इन्वेस्टमेंट फ्लक्चुएशन रिजर्व' (IFR) को बंद कर दिया है। इसके तहत ₹1,194.98 करोड़ की राशि को प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में ट्रांसफर किया गया है। हालांकि, बैंक ने स्पष्ट किया है कि इस अकाउंटिंग बदलाव का तिमाही के शुद्ध मुनाफे पर कोई असर नहीं पड़ा है।
निवेशकों के लिए आगे की राह
बैंक का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो 17.68% पर मजबूत बना हुआ है। हालांकि, भविष्य में क्रेडिट ग्रोथ और इंटरेस्ट रेट में उतार-चढ़ाव बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) को प्रभावित कर सकते हैं। निवेशकों को अब बैंक के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और लोन ग्रोथ टारगेट्स पर नजर रखनी चाहिए।
