Capri Global Capital ने अपने विदेशी कर्ज जुटाने की योजना को आगे बढ़ाते हुए India International Depository IFSC (IIDI) के साथ समझौता किया है। कंपनी **$3 करोड़** के बॉन्ड जारी करने की तैयारी में है, जिसके लिए IIDI रजिस्ट्रार और ट्रांसफर एजेंट के तौर पर काम करेगा।
विदेशी कर्ज जुटाने की तैयारी तेज
Capri Global Capital Limited ने अपनी विदेशी फंड जुटाने की रणनीति को अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया है। कंपनी ने $3 करोड़ (करीब 3,000 बॉन्ड) की राशि जुटाने के लिए IIDI के साथ एक द्विपक्षीय समझौते (bipartite agreement) पर हस्ताक्षर किए हैं। इन बॉन्ड्स का फेस वैल्यू $10,000 प्रति बॉन्ड तय किया गया है। यह बॉन्ड सीनियर, सिक्योर्ड और नॉन-कनवर्टिबल होंगे।
क्यों अहम है यह कदम?
IIDI को रजिस्ट्रार और ट्रांसफर एजेंट के तौर पर नियुक्त करना एक अनिवार्य रेगुलेटरी प्रक्रिया है। इस करार के बाद कंपनी IIDI के नियमों का पालन करने के लिए बाध्य होगी, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड रखना, रिकॉर्ड डेट्स तय करना और निवेशकों का डेटा मैनेजमेंट शामिल है। यह कदम 19 अक्टूबर 2026 को मैनेजमेंट कमेटी द्वारा लिए गए कर्ज जुटाने के फैसले को धरातल पर लाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
यह प्राइवेट प्लेसमेंट कंपनी के बैलेंस शीट और इंटरेस्ट कॉस्ट पर असर डालेगा। अब निवेशकों की नजरें इश्यू की टाइमलाइन, ब्याज दरों (interest rate) और उन बड़े निवेशकों पर टिकी हैं जो इस बॉन्ड में पैसा लगाएंगे।
