Capri Global Capital ने अपने **$1 बिलियन** के Global Medium Term Note (GMTN) प्रोग्राम के तहत डॉलर बॉन्ड जारी करने का ऐलान किया है। कंपनी अपनी फंडिंग को डायवर्सिफाई करने के लिए यह कदम उठा रही है।
इंटरनेशनल मार्केट पर कंपनी की नजर
Capri Global Capital ने ग्लोबल डेट मार्केट से फंड जुटाने की अपनी योजना को हरी झंडी दे दी है। कंपनी अपने $1 बिलियन के GMTN प्रोग्राम के तहत फिक्स्ड-रेट, सीनियर सिक्योर्ड बॉन्ड जारी करने जा रही है। इस बॉन्ड इश्यू को 144A/RegS फॉर्मेट के तहत स्ट्रक्चर किया गया है और इसे इंडिया इंटरनेशनल एक्सचेंज (IFSC) और NSE IFSC पर लिस्ट किया जाएगा। इस इश्यू को Fitch से BB- और Moody’s से Ba3 की शुरुआती रेटिंग मिली है।
फंड जुटाने के पीछे की वजह
यह कदम कंपनी के लिए बेहद अहम है क्योंकि इससे उसे कर्ज लेने के पारंपरिक स्थानीय रास्तों से आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। इस बॉन्ड की शर्तों के अनुसार, कंपनी को कुछ कड़े नियमों (covenants) का पालन करना होगा, जिसमें NNPA को 5% या उससे कम और Capital Adequacy Ratio (CAR) को कम से कम 15% पर बनाए रखना शामिल है।
कंपनी की फाइनेंशियल सेहत
Q1 FY27 के नतीजे कंपनी की मजबूत नींव को दिखाते हैं:
- कंसोलिडेटेड AUM: ₹40,111 करोड़
- नेट प्रॉफिट (PAT): ₹353 करोड़
- RoAA: 4.1%
- GNPA: 1.1% और NNPA: 0.6% (30 जून 2026 तक)
आगे क्या होगा?
निवेशकों को अब बॉन्ड्स की फाइनल प्राइसिंग और सब्सक्रिप्शन लेवल पर नजर रखनी चाहिए, जो कंपनी के भविष्य के विस्तार के लिए पूंजी की लागत (cost of capital) तय करेंगे। साथ ही, कंपनी की सेल्स प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए 'एजेंटिक AI' टूल्स के इस्तेमाल को लेकर अपडेट्स पर भी नजर रहेगी।
