Capital Small Finance Bank के लिए दूसरी तिमाही काफी मजबूत रही है। कंपनी के ग्रॉस एडवांसेज (Gross Advances) में **23.4%** की जोरदार बढ़त देखी गई है, जो अब **₹9,755 करोड़** के पार पहुंच गए हैं। साथ ही एसेट क्वालिटी में सुधार के चलते ग्रॉस NPA गिरकर **2.36%** पर आ गया है।
बिजनेस में शानदार ग्रोथ
बैंक के प्रोविजनल आंकड़ों के मुताबिक, 30 सितंबर, 2026 को समाप्त हुई तिमाही में बैंक ने जबरदस्त रफ्तार पकड़ी है। बैंक के कुल डिपॉजिट्स 16.2% बढ़कर ₹10,831 करोड़ पर पहुंच गए हैं। वहीं, नई लोन डिसबर्समेंट (Loan Disbursements) में भी 36% का बड़ा उछाल आया है, जो ₹1,095 करोड़ रही।
रिस्क मैनेजमेंट और एसेट क्वालिटी
बैंक का पूरा फोकस रिटेल लेंडिंग बुक को बढ़ाने पर है। राहत की बात यह है कि बैंक का 97% पोर्टफोलियो 'सिक्योर्ड' है, जो निवेशकों के लिए जोखिम को काफी कम करता है। एक साल पहले ग्रॉस NPA 2.70% था, जो अब घटकर 2.36% पर आ गया है, जो बैंक की अनुशासित लेंडिंग का प्रमाण है।
फंडामेंटल मजबूती
बैंक का CASA रेशियो भी सुधरकर 34.5% हो गया है, जो पिछले साल की इसी अवधि में 33.9% था। यह बैंक की कम लागत वाली जमा राशि जुटाने की क्षमता को दर्शाता है। फिलहाल बैंक का क्रेडिट-टू-डिपॉजिट (CD) रेशियो 85.4% है, जो बैंक के लिक्विडिटी मैनेजमेंट और बिजनेस विस्तार के बीच एक बेहतरीन बैलेंस को दिखाता है।
आने वाले समय में निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या बैंक इसी रफ्तार से एसेट क्वालिटी को मेंटेन कर पाता है या नहीं।
