Capital India Finance के शेयरधारकों ने 7 सितंबर को आयोजित AGM में सभी पांच प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। इसमें कर्ज जुटाने और Rapipay Fintech के साथ जरूरी सौदों को हरी झंडी मिली है।
फंडिंग को लेकर मिली बड़ी राहत
कंपनी ने अपनी 32वीं सालाना आम बैठक (AGM) में कर्ज जुटाने के लिए शेयरधारकों से आधिकारिक अनुमति ले ली है। हालांकि, कंपनी ने अभी तक यह साफ नहीं किया है कि वे कितना कर्ज जुटाएंगे या इसके लिए क्या समयसीमा तय की गई है, लेकिन यह कदम कंपनी को भविष्य में लिक्विडिटी (Liquidity) मैनेज करने में फ्लेक्सिबिलिटी देगा।
Rapipay के साथ बढ़ेगा तालमेल
शेयरधारकों ने Rapipay Fintech Private Limited के साथ 'मैटेरियल रिलेटेड-पार्टी ट्रांजेक्शन' को भी मंजूरी दे दी है। चूँकि Rapipay कंपनी की एक मुख्य सब्सिडियरी (Subsidiary) है, इसलिए इन लेनदेन को बोर्ड की मजबूती और विस्तार के तौर पर देखा जा रहा है। वोटिंग के दौरान नियमों के मुताबिक प्रमोटरों और की-मैनेजरियल कर्मियों को इस प्रस्ताव से अलग रखा गया था।
मैनेजमेंट और सैलरी पर फैसला
बैठक में केशव पोरवाल को फिर से डायरेक्टर के रूप में नियुक्त किया गया है। इसके अलावा, 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी उनके मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) के वेतन संशोधन (Remuneration revision) पर भी मुहर लग गई है।
निवेशकों के लिए आगे का रास्ता
फिलहाल यह एक कॉर्पोरेट प्रक्रिया है, जिससे कंपनी को ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी मिली है। निवेशकों को अब इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि कंपनी कब और किस दर पर कर्ज बाजार (Debt Market) में उतरती है और Rapipay के साथ होने वाले इन सौदों की वैल्यू क्या रहती है।
