Capfin India Limited के लिए फाइनेंशियल ईयर 2025-26 काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। कंपनी ने **₹0.60 करोड़** का नेट लॉस दर्ज किया है, जबकि पिछले साल कंपनी **₹0.16 करोड़** के प्रॉफिट में थी। ऑपरेशनल रेवेन्यू में भी भारी गिरावट देखी गई है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस में गिरावट
कंपनी के रेवेन्यू में बड़ी सुस्ती देखने को मिली है। ऑपरेशन से होने वाली आय गिरकर ₹0.23 करोड़ रह गई है, जो पिछले साल ₹0.91 करोड़ थी। बढ़ते खर्चों के कारण कंपनी का नेट प्रॉफिट सीधे लॉस में बदल गया है।
ऑडिटर्स की चेतावनी (Auditor's Disclaimer)
कंपनी के लिए सिर्फ कमजोर नतीजे ही नहीं, बल्कि गवर्नेंस से जुड़ी समस्याएं भी सामने आई हैं। स्टैट्यूटरी ऑडिटर्स ने कंपनी के 'इंटरनल फाइनेंशियल कंट्रोल्स' पर डिस्क्लेमर जारी किया है। ऑडिटर्स का कहना है कि कंट्रोल्स का आंशिक कार्यान्वयन ही हो पाया है, जिससे रिपोर्टिंग की शुद्धता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
आगे क्या होगा?
- ऑफिस रिलोकेशन: कंपनी अपना रजिस्टर्ड ऑफिस पुणे के हिंजवड़ी (Hinjewadi) शिफ्ट करने की योजना बना रही है, जिसके लिए आगामी 34वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में वोटिंग होगी।
- कैपिटल विस्तार: कंपनी ने अपने ऑथराइज्ड शेयर कैपिटल को ₹4 करोड़ से बढ़ाकर ₹10 करोड़ करने का प्रस्ताव रखा है।
- रेगुलेटरी चुनौतियां: RBI के CIMS पोर्टल पर तकनीकी दिक्कतों के चलते कंपनी को फाइलिंग में भी देरी का सामना करना पड़ा है।
निवेशकों को अब कंपनी के इंटरनल सिस्टम के स्टैबलाइजेशन और आगामी AGM के फैसलों पर कड़ी नजर रखने की जरूरत है।
