Canara Bank ने अपने **₹1,500 करोड़** के Basel III compliant AT1 बॉन्ड्स के लिए कॉल ऑप्शन (Call Option) एक्सरसाइज करने का फैसला लिया है। इस कदम के लिए RBI ने मंजूरी दे दी है और निवेशकों को ब्याज समेत भुगतान **2 दिसंबर 2026** तक कर दिया जाएगा।
बॉन्ड पर बड़ा अपडेट
Canara Bank ने आधिकारिक तौर पर अपने Basel III compliant Additional Tier I (AT1) बॉन्ड्स (ISIN: INE476A08134) के लिए कॉल ऑप्शन एक्सरसाइज करने का ऐलान किया है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने इस फैसले को 27 अक्टूबर 2026 को हरी झंडी दे दी थी। बैंक अब ₹1,500 करोड़ के इस पूरे इश्यू को वापस ले रहा है, जिस पर 8.05% का सालाना कूपन रेट मिल रहा था।
भुगतान और सेटलमेंट प्रक्रिया
बैंक ने योग्य बॉन्डधारकों की पहचान के लिए 17 नवंबर 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है। निवेशकों को मूल राशि के साथ-साथ 2 दिसंबर 2025 से 1 दिसंबर 2026 तक का बकाया ब्याज 2 दिसंबर 2026 को भुगतान किया जाएगा। यह पेमेंट RTGS, NEFT या NSDL/CDSL के साथ लिंक डीमैट खातों में सीधे क्रेडिट के माध्यम से किया जाएगा। भुगतान पूरा होते ही ये बॉन्ड्स खत्म हो जाएंगे और बैंक की ब्याज देनदारी भी समाप्त हो जाएगी।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
यह कदम बैंक की पूंजी प्रबंधन (Capital Management) रणनीति का हिस्सा है। AT1 बॉन्ड्स अपनी प्रकृति में 'परपेचुअल' होते हैं, लेकिन इनमें कॉल ऑप्शन की सुविधा होती है, जिससे जारीकर्ता एक तय समय के बाद इन्हें रिडीम कर सकता है। इस फैसले से Canara Bank अपना ब्याज का बोझ कम कर रहा है, जो कंपनी की मजबूत लिक्विडिटी स्थिति को दर्शाता है।
आगे क्या करना होगा?
बॉन्डधारकों को सलाह दी जाती है कि वे 2 दिसंबर 2026 की समयसीमा से पहले अपने डीमैट खाते में बैंक डिटेल्स अपडेट रखें ताकि भुगतान में कोई दिक्कत न आए। शेयरधारकों के नजरिए से, यह बैंक की बैलेंस शीट दक्षता (Balance Sheet Efficiency) को सुधारने वाला एक सकारात्मक और संतुलित कदम है।
