Canara Bank ने अपनी अनलिस्टेड सब्सिडियरी Canbank Factors Limited में अपनी **70%** हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है। इस डील के लिए Vidvedaa Private Limited के साथ **₹80.50 करोड़** का करार हुआ है।
बैंक का बड़ा फैसला
Canara Bank ने नॉन-कोर एसेट्स (non-core assets) को घटाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। बैंक के बोर्ड ने 29 अगस्त, 2026 को हुई बैठक में Canbank Factors Limited में अपनी 70% इक्विटी हिस्सेदारी बेचने को मंजूरी दे दी है। यह सौदा ₹80.50 करोड़ की कैश डील में तय हुआ है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
शेयरधारकों के लिए यह बैंक की एक बड़ी स्ट्रैटेजी है, जिसका मकसद अपने मुख्य बैंकिंग ऑपरेशंस पर ध्यान केंद्रित करना है। इस बिक्री से आने वाली रकम से बैंक की लिक्विडिटी स्थिति में सुधार होगा, हालांकि नेट फाइनेंशियल इम्पैक्ट डील के पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगा।
आगे की राह और रिस्क
फिलहाल यह पूरी प्रक्रिया रेगुलेटरी और वैधानिक मंजूरी (regulatory and statutory clearances) पर टिकी है। जब तक ये जरूरी अप्रूवल नहीं मिल जाते, तब तक सब्सिडियरी अपने मौजूदा स्ट्रक्चर के साथ काम करना जारी रखेगी। निवेशकों को सलाह है कि वे रेगुलेटरी अप्रूवल के प्रोसेस पर नजर रखें, क्योंकि इसमें होने वाली देरी डील के फाइनल क्लोजर को प्रभावित कर सकती है।
