Canara Bank ने Basel III नियमों के तहत **₹2,042 करोड़** की फंड जुटाने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। बैंक ने ये रकम 'एडिशनल टियर 1' बॉन्ड जारी करके जुटाई है, जिस पर **8.10%** का एनुअल कूपन रेट तय किया गया है।
फंड जुटाने का लक्ष्य और सफलता
Canara Bank ने कुल ₹4,500 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा था, जिसमें ₹2,000 करोड़ का बेस इश्यू और ₹2,500 करोड़ का ग्रीन शू ऑप्शन शामिल था। हालांकि, बैंक ने अभी ₹2,042 करोड़ जुटाकर ही प्रक्रिया को सफलतापूर्वक क्लोज किया है। इस इश्यू में 29 संस्थागत निवेशकों ने हिस्सा लिया, जो बैंक के प्रति बाजार का मजबूत भरोसा दर्शाता है।
क्यों अहम है यह कदम?
ये 'परपेचुअल' (Perpetual) और अनसिक्योर्ड बॉन्ड बैंक के कैपिटल बेस को मजबूत करने के लिए बेहद जरूरी हैं। Basel III फ्रेमवर्क के तहत, यह कदम बैंक की रेगुलेटरी कैपिटल एडिक्वेसी को सुधारता है, जिससे बैंक भविष्य में क्रेडिट ग्रोथ को और गति दे पाएगा और किसी भी वित्तीय झटके को झेलने में सक्षम होगा।
निवेशकों के लिए खास बातें
बॉन्ड पर सालाना 8.10% का ब्याज मिलेगा, जिसका भुगतान हर साल 18 सितंबर को किया जाएगा। चूँकि ये बॉन्ड परपेचुअल हैं, इसलिए बैंक को इन्हें चुकाने का कोई निश्चित दबाव नहीं है, जो बैलेंस शीट को स्थिर रखने में मदद करता है।
आगे क्या नजर रखें?
निवेशकों को अब अगली तिमाही नतीजों पर नजर रखनी चाहिए, जहां यह देखना होगा कि इस फंड रेजिंग के बाद बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पर क्या असर पड़ता है। साथ ही, आगामी फाइनेंशियल फाइलिंग्स में बैंक के कैपिटल एडिक्वेसी रेश्यो (CAR) में होने वाले बदलाव को ट्रैक करना फायदेमंद रहेगा।
