Canara Bank ने Q2 FY27 में दमदार प्रदर्शन करते हुए **₹5,175 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। बैंक ने अपने तय लक्ष्यों को पार करते हुए ग्लोबल एडवांसेज में **19.46%** और कुल बिजनेस में **15.88%** की जबरदस्त ग्रोथ दिखाई है।
मुनाफे का गणित और ग्रोथ की रफ्तार
बैंक का प्रदर्शन उम्मीदों से कहीं बेहतर रहा है। कंपनी ने अपनी इंटरनल गाइडेंस को मात देते हुए ग्लोबल एडवांसेज में 19.46% (लक्ष्य 11%-12%) की बढ़त हासिल की है। बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी 20.39% की सालाना बढ़ोतरी के साथ ₹11,000 करोड़ के पार पहुंच गई है।
एसेट क्वालिटी में मजबूती
निवेशकों के लिए सबसे बड़ी राहत बैंक की क्लीन होती बैलेंस शीट है। ग्रॉस NPA गिरकर 1.33% और नेट NPA 0.30% पर आ गया है। मैनेजमेंट ने अपनी फंडिंग कॉस्ट को कम करने के लिए FCNR(B) डिपॉजिट्स का बेहतर प्रबंधन किया है, जिससे 100 bps की बचत हुई है।
आगे की चुनौतियां और रिस्क
भले ही बैंक का ऑपरेटिंग प्रदर्शन मजबूत है, लेकिन निवेशकों को आगामी ECL (Expected Credit Loss) प्रोविजनिंग पर नजर रखनी होगी। बैंक को ₹12,000 करोड़ से ₹15,000 करोड़ तक का प्रोविजनिंग इम्पैक्ट झेलना पड़ सकता है, जिसे अगले 1-2 सालों में पूरा किया जाएगा। इसके अलावा, ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव के कारण ट्रेजरी पर भी थोड़ा दबाव बना हुआ है।
अगला फोकस
फिलहाल बैंक का मुख्य ध्यान ग्रीन एनर्जी, पावर और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में ₹50,000 करोड़ के मजबूत लोन पाइपलाइन पर है। निवेशक आने वाली तिमाहियों में प्रोविजनिंग के असर और बैंक के 18.49% के ROE को मेंटेन रखने की क्षमता पर अपनी नजर रखें।
