Canara Bank ने सितंबर तिमाही के लिए अपने शानदार नतीजे पेश किए हैं। बैंक का नेट प्रॉफिट बढ़कर **₹5,174.76 करोड़** रहा है और साथ ही बैंक ने अपनी सब्सिडियरी Canbank Factors Ltd में **70%** हिस्सेदारी बेचने का बड़ा ऐलान किया है।
मुनाफे की रफ्तार और सुधरती बैलेंस शीट
Canara Bank का प्रदर्शन इस तिमाही में काफी दमदार रहा है। पिछले साल की समान अवधि के ₹4,773.96 करोड़ के मुकाबले बैंक का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹5,174.76 करोड़ पर पहुंच गया है। बैंक की कुल इनकम में भी बढ़त दिखी है, जो ₹38,597.73 करोड़ से बढ़कर ₹40,931.19 करोड़ हो गई है।
एसेट क्वालिटी में बड़ा सुधार
बैंक की सबसे बड़ी ताकत इस बार उसकी एसेट क्वालिटी रही है। ग्रॉस NPA जो पिछले साल 2.35% था, वह घटकर 1.33% पर आ गया है। वहीं, नेट NPA भी 0.54% से गिरकर 0.30% के स्तर पर पहुंच गया है। इसके अलावा, बैंक ने रेगुलेटरी बदलावों के चलते अपने इन्वेस्टमेंट फ्लक्चुएशन रिजर्व से ₹1,936.63 करोड़ जनरल रिजर्व में ट्रांसफर किए हैं।
कॉर्पोरेट एक्शन और रणनीति
बैंक ने अपनी नॉन-कोर संपत्तियों को बेचने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। बैंक अपनी सब्सिडियरी कंपनी Canbank Factors Ltd में 70% हिस्सेदारी बेचने की तैयारी कर रहा है। इसके साथ ही, बैंक का कैपिटल मैनेजमेंट पर भी पूरा फोकस है। बैंक ने ₹3,000 करोड़ के Basel III Tier II बॉन्ड रिडीम किए हैं और ₹2,042 करोड़ के Basel III AT1 बॉन्ड जारी किए हैं।
निवेशकों के लिए जरूरी जानकारी
हालांकि बैंक का प्रदर्शन मजबूत है, लेकिन RBI द्वारा अनुपालन नियमों (compliance) के उल्लंघन को लेकर लगाया गया ₹41.80 लाख का जुर्माना एक छोटा नकारात्मक पहलू है। आने वाले समय में निवेशकों को Canbank Factors Ltd की बिक्री प्रक्रिया के रेगुलेटरी अप्रूवल पर अपनी नजर रखनी चाहिए।
