Canara Bank को RBI से **₹1,500 करोड़** के Basel III कम्प्लायंट Additional Tier I (AT1) बॉन्ड्स के लिए कॉल ऑप्शन की मंजूरी मिल गई है। यह बैंक की कैपिटल मैनेजमेंट रणनीति का एक हिस्सा है।
RBI की हरी झंडी
Canara Bank ने एक आधिकारिक सूचना में बताया है कि उसे 15 सितंबर, 2026 को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) से औपचारिक मंजूरी मिल गई है। इसके तहत बैंक अपने Basel III कम्प्लायंट AT1 बॉन्ड्स (ISIN: INE476A08126) के लिए कॉल ऑप्शन का इस्तेमाल करेगा। यह कुल ₹1,500 करोड़ का रिडेम्पशन है, जो पहले से ही बैंक की प्लानिंग का हिस्सा था।
क्यों अहम है यह फैसला?
फाइनेंशियल भाषा में कहें तो 'कॉल ऑप्शन' का उपयोग करना एक स्टैंडर्ड मैनेजमेंट प्रोसेस है। इससे बैंक न केवल अपनी कैपिटल स्ट्रक्चर को बेहतर बनाता है, बल्कि फंड की लागत (Cost of Funds) को भी कंट्रोल कर पाता है। नियामक की मंजूरी यह दर्शाती है कि बैंक की बैलेंस शीट मजबूत है और यह Basel III नियमों का पूरी तरह से पालन कर रहा है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
यह एक प्री-प्लान्ड कॉर्पोरेट एक्शन है, इसलिए निवेशकों को किसी भी तरह की अनिश्चितता की चिंता करने की जरूरत नहीं है। फिलहाल बैंक इसे एग्जीक्यूशन फेज में ले जा रहा है। हालांकि, लॉन्ग-टर्म में निवेशकों को बैंक के कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो पर नजर रखनी चाहिए, ताकि लिक्विडिटी आउटफ्लो का कोई नेगेटिव असर न पड़े। अब बाजार को इस रिडेम्पशन के सफल समापन की फाइनल अनाउंसमेंट का इंतजार है।
