रेटिंग एजेंसी ICRA ने Canara Bank की रेटिंग्स को बरकरार रखा है। बैंक की मजबूत डोमेस्टिक फ्रेंचाइजी और सरकारी समर्थन के चलते रेटिंग स्थिर बनी हुई है, साथ ही जून 2026 तक ग्रॉस NPA घटकर **1.57%** पर आ गया है।
मजबूत नतीजों की गवाही
Canara Bank ने Q1 FY2027 में ₹4,856 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है, जबकि बैंक का CRAR 17.17% के मजबूत स्तर पर बना हुआ है। रेटिंग एजेंसी ICRA ने बैंक के टियर-2 बॉन्ड्स को [ICRA]AAA और टियर-1 बॉन्ड्स को [ICRA]AA+ रेटिंग दी है। वहीं, बैंक ने ₹3,000 करोड़ के टियर-2 बॉन्ड्स का रिडेम्पशन पूरा कर लिया है, जिससे उस विशिष्ट इंस्ट्रूमेंट की रेटिंग वापस ले ली गई है।
बैंक की सेहत का हाल
बैंक की एसेट क्वालिटी में लगातार सुधार हो रहा है। वित्त वर्ष 2026 के 1.84% के मुकाबले ग्रॉस NPA अब गिरकर 1.57% पर आ गया है, जबकि नेट NPA महज 0.36% है। बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) भी मामूली बढ़कर 2.15% हो गया है, जो मुश्किल दौर में भी बैंक के बेहतर मैनेजमेंट को दर्शाता है।
आगे की चुनौतियां और रिस्क
निवेशकों के लिए अब 'Expected Credit Loss' (ECL) फ्रेमवर्क पर शिफ्ट होना सबसे बड़ा इवेंट है। बैंक ने इस बदलाव से करीब ₹12,000 से ₹13,000 करोड़ के संभावित इम्पैक्ट का अनुमान लगाया है। हालांकि यह बैंक की CET-1 रेशियो (12.91%) के लिए मैनेज करने योग्य है, लेकिन शेयरधारकों को इस पर बारीक नजर रखनी होगी। इसके अलावा, पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव भी भविष्य में लोन रिकवरी को प्रभावित कर सकते हैं।
प्रमुख आंकड़े (Quick Metrics)
- कुल एसेट: ₹19.22 लाख करोड़
- Liquidity Coverage Ratio: 115%
- Net Stable Funding Ratio: 128%
