Canara Bank ने अपने Basel III कंप्लेंट Additional Tier 1 (AT1) बॉन्ड्स का पूरा रिडेम्पशन कर दिया है। बैंक ने इसके तहत निवेशकों को **₹1,626 करोड़** का भुगतान किया है, जिससे इस बॉन्ड सीरीज का बकाया अब शून्य हो गया है।
पेमेंट का पूरा ब्यौरा
Canara Bank ने अपने अनसिक्योर्ड, नॉन-कंवर्टिबल, रिडीमेबल Basel III कंप्लेंट AT1 बॉन्ड्स (ISIN: INE476A08126) को पूरी तरह से रिडीम कर लिया है। बैंक ने कुल ₹1,626 करोड़ का भुगतान किया है, जिसमें ₹1,500 करोड़ मूलधन (Principal) और ₹126 करोड़ का ब्याज शामिल है। यह पैसा 23 अक्टूबर, 2026 को निवेशकों के खातों में क्रेडिट कर दिया गया।
बैंक की सेहत के लिए क्यों अहम?
AT1 बॉन्ड्स किसी भी बैंक की रेगुलेटरी कैपिटल का एक अहम हिस्सा होते हैं। इस 'कॉल ऑप्शन' को एक्सरसाइज करके बैंक ने न केवल अपनी बैलेंस शीट को बेहतर किया है, बल्कि अपनी मजबूत लिक्विडिटी पोजीशन को भी साबित किया है। इस रिडेम्पशन के साथ ही बैंक पर मौजूद इस खास कर्ज का बोझ अब पूरी तरह खत्म हो गया है।
समय से पहले क्यों हुआ भुगतान?
वैसे तो इस रिडेम्पशन की ओरिजिनल तारीख 25 अक्टूबर, 2026 थी, लेकिन उस दिन रविवार होने के कारण बैंक ने वित्तीय नियमों का पालन करते हुए इसे 23 अक्टूबर को ही निपटा लिया, जो कि अंतिम वर्किंग डे था।
आगे क्या होगा?
निवेशकों की नजर अब इस पर रहेगी कि बैंक अपनी कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (Capital Adequacy Ratio) को RBI के नियमों के दायरे में बनाए रखने के लिए भविष्य में किस तरह के नए कैपिटल जुटाने के प्लान सामने लाता है।
