Canara Bank ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों से फंड जुटाने की तैयारी कर ली है। बैंक के बोर्ड ने **$2 बिलियन** तक के फॉरेन करेंसी बॉन्ड जारी करने की मंजूरी दे दी है, जिसे बैंक अपने मौजूदा Medium Term Note प्रोग्राम के जरिए जुटाएगा।
बड़ी अंतरराष्ट्रीय फंड जुटाने की योजना
Canara Bank ने अपनी ग्लोबल लिक्विडिटी प्रोफाइल को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। बैंक के बोर्ड ने $2 बिलियन (करीब ₹16,800 करोड़ से अधिक) की राशि फॉरेन करेंसी में जुटाने की अनुमति दी है। यह पैसा सीनियर अनसिक्योर्ड बॉन्ड्स के जरिए आएगा, जो फिक्स्ड या फ्लोटिंग रेट्स पर आधारित हो सकते हैं।
पैसा कहां से आएगा?
बैंक इस फंड को जुटाने के लिए अपने मौजूदा $3 बिलियन के Medium Term Note (MTN) प्रोग्राम का इस्तेमाल करेगा। इस पूरी प्रक्रिया को बैंक की IBU (International Banking Unit) ब्रांच, जो Gift City, गांधीनगर में स्थित है, या अन्य विदेशी शाखाओं के माध्यम से अंजाम दिया जाएगा।
निवेशकों के लिए क्या हैं संकेत?
यह कदम बैंक की लायबिलिटी बेस को विविधता देने और घरेलू बाजार के बाहर से सस्ते फंड की तलाश करने की रणनीति का हिस्सा है।
जोखिम और ध्यान देने वाली बातें:
- ब्याज दरों का जोखिम: ग्लोबल मार्केट में ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव का असर बॉन्ड की लागत पर पड़ सकता है।
- मुद्रा में उतार-चढ़ाव: विदेशी मुद्रा में कर्ज लेने के कारण करेंसी फ्लक्चुएशन का रिस्क बना रहता है।
आने वाले समय में, शेयरधारकों को बॉन्ड की अंतिम राशि, अवधि और कूपन रेट्स की जानकारी का इंतजार करना चाहिए, जो ग्लोबल बेंचमार्क दरों पर निर्भर करेगा।
