CRISIL Ratings ने MTNL के **₹6,500 करोड़** के बॉन्ड्स और **₹20 करोड़** के NCDs को 'Rating Watch with Negative Implications' में रखा है। कंपनी द्वारा पेमेंट डेडलाइन मिस करने और बढ़ते वित्तीय संकट के कारण यह बड़ा फैसला लिया गया है।
पेमेंट में देरी बनी मुसीबत
CRISIL Ratings ने स्पष्ट किया है कि MTNL के पेमेंट मैकेनिज्म में लगातार खामियां देखी जा रही हैं। कंपनी को T-10 दिन की फंडिंग डेडलाइन का पालन करना होता है, जिसे पूरा करने में MTNL बार-बार विफल रही है। हालांकि इन बॉन्ड्स को सरकारी गारंटी (Sovereign Guarantee) मिली हुई है, लेकिन समय पर पेमेंट न हो पाने के कारण ट्रस्टी को गारंटी ट्रिगर करनी पड़ रही है, जो कंपनी की बदहाल वित्तीय स्थिति को दर्शाता है।
गंभीर वित्तीय संकट
कंपनी की सेहत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि फाइनेंशियल ईयर 2026 में MTNL ने ₹3,107 करोड़ का भारी-भरकम नेट लॉस दर्ज किया है, जबकि रेवेन्यू मात्र ₹956 करोड़ रहा। स्थिति इतनी गंभीर है कि Bank of India ने MTNL के लोन अकाउंट को 4 सितंबर 2024 को NPA (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट) घोषित कर दिया था।
ऑपरेशन्स में बड़ा बदलाव
बढ़ते संकट के बीच 1 जनवरी 2025 से एक बड़ा बदलाव लागू हुआ है। BSNL ने अब दिल्ली और मुंबई में MTNL के टेलीकॉम ऑपरेशन्स की कमान संभाल ली है। 10 साल के इस एग्रीमेंट का मकसद MTNL को EBITDA-न्यूट्रल बनाना है, लेकिन फिलहाल कंपनी के लिए चुनौतियां कम होती नहीं दिख रही हैं।
निवेशकों के लिए टेकअवे
CRISIL ने कंपनी की अनसपोर्टेड रेटिंग को 'CRISIL D' पर रखा है क्योंकि कंपनी जून 2024 से ही नॉन-गारंटीड डेट को चुकाने में देरी कर रही है। जब तक कंपनी पेमेंट के नियमों का सख्ती से पालन नहीं करती, तब तक 'Rating Watch' की तलवार लटकी रहेगी।
