CP Capital ने Q2 FY27 के शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन प्रॉफिट बढ़कर **₹22.56 करोड़** हो गया है। साथ ही, कंपनी ने डिजिटल लेंडिंग वर्टिकल लॉन्च किया है, जिसने पहले ही हफ्ते में **₹3.75 करोड़** का लोन बांटा है, हालांकि बढ़ते NPA के आंकड़े निवेशकों के लिए चिंता का विषय हैं।
मुनाफे की रफ्तार
कंपनी के लिए दूसरी तिमाही काफी दमदार रही है। CP Capital का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹8.20 करोड़ के मुकाबले बढ़कर ₹22.56 करोड़ पर पहुंच गया है। वहीं, स्टैंडअलोन रेवेन्यू भी पिछले साल के ₹15.11 करोड़ से उछलकर ₹34.97 करोड़ हो गया है।
डिजिटल लेंडिंग का दम
कंपनी ने अपने ग्रोथ स्ट्रैटेजी को बदलते हुए डिजिटल-फर्स्ट लेंडिंग मॉडल की शुरुआत की है। इस वर्टिकल ने अपने पहले 7 दिनों के ऑपरेशन में ही 1,570 लोन के जरिए ₹3.75 करोड़ बांटे हैं। इस सफलता का बड़ा हिस्सा टियर-2 और टियर-3 शहरों से आया है। कंपनी का ऑपरेटिंग EBITDA मार्जिन 93.71% पर बना हुआ है, जो इसके बिजनेस मॉडल की मजबूती को दर्शाता है।
एसेट क्वालिटी और रिस्क
कंपनी का ग्रॉस लोन बुक ₹266.41 करोड़ है, जिसमें 71.9% हिस्सा 'लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी' (LAP) का है। हालांकि, एसेट क्वालिटी को लेकर निवेशकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। कंपनी का ग्रॉस NPA 13.47% और नेट NPA 10.81% पर बना हुआ है। पिछले क्वार्टर में कंपनी ने ₹43.97 करोड़ का टेक्निकल राइट-ऑफ भी किया था, जिसे पूरी तरह से इम्पेयर्ड माना गया है।
आगे की राह
ऑडिटर S P Chopra & Co. ने नतीजों पर अनमॉडिफाइड रिपोर्ट दी है। अब मार्केट की नजर इस बात पर होगी कि क्या डिजिटल लेंडिंग का नया वर्टिकल स्केल होने के साथ डिफॉल्ट रेट को कंट्रोल में रख पाता है और कंपनी अपने बढ़ते NPA लेवल्स को कैसे कम करती है।
