CP Capital Ltd ने Q1 FY27 के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी का मुनाफा 46% बढ़कर ₹13.3 करोड़ हो गया है। साथ ही, कंपनी की एसेट क्वालिटी में भी जबरदस्त सुधार देखने को मिला है, ग्रॉस एनपीए (Gross NPA) घटकर 8.9% पर आ गया है।
CP Capital Q1 FY27 नतीजे: मुनाफा 46% बढ़ा, एसेट क्वालिटी में हुआ सुधार
CP Capital Ltd ने वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27), जो 30 जून 2026 को समाप्त हुई, के लिए अपने शानदार वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) पिछली तिमाही की तुलना में 46% बढ़कर ₹13.3 करोड़ हो गया है।
क्या हुआ खास?
CP Capital Ltd ने Q1 FY27 के नतीजे घोषित करते हुए पिछली तिमाही के मुकाबले जबरदस्त ग्रोथ दर्ज की है। कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 18% बढ़कर ₹21.9 करोड़ पर पहुंच गया, जबकि EBITDA में 36% की बढ़ोतरी के साथ यह ₹20.5 करोड़ रहा। प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 46% की शानदार उछाल के साथ यह ₹13.3 करोड़ दर्ज किया गया। इसी के साथ, अर्निंग्स पर शेयर (EPS) में भी समान 46% की बढ़ोतरी देखी गई और यह ₹7.32 हो गया।
स्टैंडअलोन (Standalone) नतीजों में तो कंपनी और भी चमकी है। PAT दोगुना होकर ₹11.5 करोड़ पर आ गया, जो कि पिछली तिमाही से 102% ज्यादा है। स्टैंडअलोन रेवेन्यू में 46% और EBITDA में 65% का इजाफा हुआ है।
क्यों है यह अहम?
ये नतीजे CP Capital के लिए एक मजबूत पॉजिटिव संकेत हैं। PAT में यह बड़ी बढ़ोतरी कंपनी की बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी और प्रॉफिटेबिलिटी को दर्शाती है। सबसे खास बात यह है कि ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPAs) में बड़ी गिरावट आई है, जो 18.76% से घटकर 8.9% पर आ गए हैं। यह कंपनी के बैलेंस शीट में मजबूती और क्रेडिट रिस्क के बेहतर प्रबंधन का प्रमाण है।
पुरानी कहानी
Q4 FY26 में CP Capital ने ₹9.1 करोड़ का कंसोलिडेटेड PAT रिपोर्ट किया था, जबकि रेवेन्यू ₹18.6 करोड़ था। उस समय लोन बुक ₹442.12 करोड़ थी और ग्रॉस NPAs ₹79.90 करोड़ थे, जिससे NPA रेशियो 18.76% पर था।
अब क्या बदलेगा?
कंपनी 0.14x के कंज़र्वेटिव डेट-टू-इक्विटी रेशियो (Debt-to-Equity Ratio) के सहारे अपनी लोन बुक को बढ़ाने की योजना बना रही है। डिजिटल लेंडिंग पर कंपनी का फोकस इसे आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा, जिससे फाइनेंसिंग इनकम में बढ़ोतरी की उम्मीद है। ₹43.97 करोड़ के एक तकनीकी राइट-ऑफ (Technical Write-off) को Proseed Foundation Trust के लिए मंजूरी दी गई है, जो एक अकाउंटिंग एडजस्टमेंट है और प्रॉफिट बिफोर टैक्स को प्रभावित नहीं करेगा क्योंकि इसका प्रोविज़न (Provision) पहले ही किया जा चुका था।
जोखिम पर नजर
हालांकि एसेट क्वालिटी में सुधार हुआ है, ग्रॉस एनपीए रेशियो अभी भी सिंगल डिजिट में है। लोन बुक ग्रोथ और प्रभावी एनपीए प्रबंधन पर लगातार नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
भविष्य में क्या देखें
निवेशक कंपनी की इस ग्रोथ की रफ्तार को बनाए रखने की क्षमता पर नजर रखेंगे, खासकर डिजिटल लेंडिंग पहलों के माध्यम से, और एसेट क्वालिटी में और सुधार की उम्मीद करेंगे। एमडी और सीईओ की पुनः नियुक्ति और आगामी एजीएम (AGM) भी महत्वपूर्ण इवेंट्स हैं।
