CG Power and Industrial Solutions को इनकम टैक्स विभाग से बड़ी राहत मिली है। असेसमेंट ईयर 2022-23 के लिए कंपनी पर ₹215.59 करोड़ की टैक्स डिमांड थी, जिस पर अब स्टे मिल गया है।
टैक्स विवाद का पूरा गणित
CG Power and Industrial Solutions Limited ने इनकम टैक्स विभाग से एक स्टे ऑर्डर हासिल किया है। यह राहत असेसमेंट ईयर 2022-23 से जुड़े ₹215.59 करोड़ के विवादित टैक्स डिमांड के मामले में मिली है। हालांकि, इस राहत के साथ एक शर्त भी जुड़ी है। कंपनी को कुल ₹30 करोड़ का भुगतान 5 किस्तों (installments) में करना होगा, जिसके बाद ही यह स्टे प्रभावी बना रहेगा।
कैसे बढ़ा विवाद?
यह टैक्स डिमांड रातों-रात नहीं बनी, बल्कि पिछले कुछ समय से इसमें लगातार बदलाव हो रहे थे। फरवरी 2024 में सबसे पहले ₹188.79 करोड़ की डिमांड सामने आई थी, जिसे ₹4.89 करोड़ जमा करने के बाद रोका गया था। इसके बाद अप्रैल 2026 में यह आंकड़ा बढ़कर ₹236.74 करोड़ हो गया। अंत में, 4 जून 2026 को जारी हुए रेक्टिफिकेशन ऑर्डर के बाद यह डिमांड ₹215.59 करोड़ पर तय हुई थी।
अब क्या होगा?
कंपनी ने 18 मई 2026 को ही रिवीजनरी असेसमेंट ऑर्डर के खिलाफ अपील दायर कर दी थी। 7 सितंबर 2026 को मिले इस नए स्टे ऑर्डर से कंपनी को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि अब टैक्स अधिकारी किसी भी प्रकार की जबरन वसूली (coercive collection) नहीं कर पाएंगे, बशर्ते कंपनी अपनी किस्तों का समय पर भुगतान करती रहे।
निवेशकों के लिए जोखिम और संकेत
हालांकि स्टे मिल गया है, लेकिन मुख्य मामला अभी भी कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स (अपील्स) के पास विचाराधीन है। फाइनल लायबिलिटी क्या होगी, यह अपील के नतीजों पर निर्भर करेगा। फिलहाल निवेशकों को कंपनी के कैश फ्लो मैनेजमेंट पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि ₹30 करोड़ की पेमेंट कंपनी के लिक्विडिटी पर असर डाल सकती है।
