CARE Ratings ने सितंबर तिमाही में **26.5%** की शानदार ग्रोथ के साथ **₹72.37 करोड़** का प्रॉफिट दर्ज किया है। कंपनी ने **₹10** प्रति शेयर डिविडेंड देने के साथ अपनी IFSC सब्सिडियरी में हिस्सेदारी बेचने का बड़ा फैसला लिया है।
मुनाफे में जोरदार उछाल
सितंबर 2026 की तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है। CARE Ratings का नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹57.21 करोड़ से बढ़कर ₹72.37 करोड़ पर पहुंच गया है। वहीं, ऑपरेशन से होने वाली रेवेन्यू में भी 20.35% का इजाफा हुआ है, जो बढ़कर ₹164.13 करोड़ दर्ज की गई है। कंपनी ने निवेशकों को तोहफा देते हुए ₹10 प्रति शेयर इंटरिम डिविडेंड का ऐलान किया है, जिसके लिए रिकॉर्ड डेट 6 नवंबर 2026 तय की गई है।
नई स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप
कंपनी अपनी सब्सिडियरी 'CareEdge Global IFSC Limited' में बड़े बदलाव कर रही है। अब स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और NSE IFSC Limited, दोनों 9.90% हिस्सेदारी खरीदेंगे। इस डील के बाद CARE Ratings की हिस्सेदारी घटकर 80.20% रह जाएगी, जिससे कंपनी को GIFT सिटी में अपनी पहुंच और मजबूत करने में मदद मिलेगी।
बोर्ड में नए चेहरे
कंपनी ने जतिंदर पाल सिंह बजाज को एडिशनल डायरेक्टर (नॉन-एग्जीक्यूटिव नॉन-इंडिपेंडेंट) नियुक्त किया है। वे LIC और पंजाब नेशनल बैंक के बोर्ड में काम करने का लंबा अनुभव रखते हैं, जो भविष्य में कंपनी की आईटी और मार्केटिंग स्ट्रैटेजी को धार देने में मदद करेंगे।
आगे की राह
हालांकि कंपनी के नतीजे मजबूत हैं, लेकिन निवेशकों को इस हिस्सेदारी बिक्री के बाद सब्सिडियरी की स्वायत्तता और क्रेडिट रेटिंग सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा पर नजर बनाए रखनी होगी। मार्केट की नजर अब इस बात पर है कि कैसे कंपनी बढ़ती ऑपरेशनल कॉस्ट के बीच अपने मार्जिन को बरकरार रखती है।
