Brijlaxmi Leasing & Finance का FY26 में नेट प्रॉफिट घटकर **₹0.66 करोड़** रह गया है, जो पिछले साल **₹1.58 करोड़** था। कंपनी पर लोन रिकॉन्सिलिएशन और TDS अनुपालन जैसे गंभीर ऑडिट क्वालिफिकेशन्स लगे हैं, साथ ही **₹25 करोड़** के लोन प्रस्ताव पर भी निवेशकों की नजर है।
फाइनेंशियल रिजल्ट्स का हाल
कंपनी के लिए FY26 का प्रदर्शन मिला-जुला रहा है। हालांकि ऑपरेशन से रेवेन्यू ₹1.31 करोड़ से बढ़कर ₹2.65 करोड़ पर पहुंच गया है, लेकिन अदर इनकम में भारी कमी के चलते कुल रेवेन्यू ₹2.84 करोड़ पर सिमट गया। नेट प्रॉफिट में आई गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय है।
ऑडिटर्स ने उठाए ये गंभीर सवाल
कंपनी के फाइनेंशियल हेल्थ पर ऑडिट रिपोर्ट में कई क्वालिफिकेशन्स हैं, जो पारदर्शिता पर सवाल खड़े करती हैं:
- अनकन्फर्म्ड ट्रेड बैलेंसेस: कंपनी ने अभी तक लोन और ट्रेड बैलेंस का स्पष्ट ब्योरा नहीं दिया है।
- नियमों का पालन नहीं: Ind AS 19 के तहत कर्मचारी लाभों के हिसाब-किताब और TDS प्रोविजन्स में चूक पाई गई है।
- अकाउंटिंग गैप्स: ब्याज आय (Interest Income) की सही अकाउंटिंग न होने से वित्तीय स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं।
AGM और ₹25 करोड़ का लोन प्रस्ताव
23 सितंबर, 2026 को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में कंपनी Asian Petro Products and Exporters Limited को ₹25 करोड़ का लोन देने का प्रस्ताव रखेगी। यह लोन 9% के ब्याज दर पर दिया जाना है, जो कंपनी के मौजूदा प्रॉफिट के मुकाबले काफी बड़ी रकम है। रिटेल निवेशकों के लिए यह प्रस्ताव कॉर्पोरेट गवर्नेंस के नजरिए से काफी महत्वपूर्ण है।
