Blue Coast Hotels की आर्थिक सेहत पर संकट के बादल छा गए हैं। कंपनी अपने **0.01%** रिडीमेबल प्रेफरेंस शेयर्स का **₹14.52 करोड़** का भुगतान करने में चूक गई है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
पेमेंट में बड़ी चूक
कंपनी ने आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया है कि वह 30 अक्टूबर, 2026 तक 11 शेयरधारकों को देय राशि का भुगतान नहीं कर पाई। इस डिफॉल्ट में प्रिंसिपल अमाउंट ₹9.67 करोड़ और डिविडेंड का ₹4.85 करोड़ हिस्सा शामिल है। यह स्थिति कंपनी के गहरे लिक्विडिटी क्राइसिस को दर्शाती है, जबकि कंपनी पर कुल कर्ज ₹34.57 करोड़ का है।
क्यों बिगड़े हालात?
इस संकट की जड़ें काफी पुरानी हैं। साल 2017 में रिडेम्पशन की अवधि को 15 साल के लिए आगे बढ़ा दिया गया था। इसके बाद सितंबर 2024 में कंपनी ने कूपन रेट को 10% से घटाकर महज 0.01% कर दिया था। पिछले कुछ समय में कंपनी लगातार प्रेफरेंस शेयर्स को इक्विटी में बदलने का काम भी कर रही थी, लेकिन यह कदम भी उसे डिफॉल्ट से नहीं बचा सका।
निवेशकों के लिए क्या है रिस्क?
कंपनी की बैलेंस शीट पर ₹34.57 करोड़ का बकाया बोझ है, जिससे दिवालिया होने का जोखिम (Insolvency Risk) बढ़ गया है। आने वाले समय में निवेशकों को कंपनी के कैश फ्लो और किसी भी नए रीस्ट्रक्चरिंग प्लान पर पैनी नजर रखनी चाहिए। अब मार्केट की निगाहें BSE पर आने वाली कंपनी की अगली अपडेट्स पर टिकी हैं, जहां सेटलमेंट और एसेट मोनेटाइजेशन की जानकारी मिल सकती है।
