Bloom Industries ने 30 नवंबर, 2026 को अपनी एक्स्ट्रा-ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) बुलाई है। साथ ही, बोर्ड ने प्रमोटर ग्रुप के कर्ज को सपोर्ट देने के लिए Shivom Minerals में अपनी हिस्सेदारी गिरवी रखने को मंजूरी दी है।
EGM की तैयारी और अहम फैसले
कंपनी ने 30 नवंबर, 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक्स्ट्रा-ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) आयोजित करने का फैसला किया है। इस मीटिंग में वोटिंग के लिए 23 नवंबर को कट-ऑफ डेट तय की गई है। इस दौरान कंपनी कई अहम कॉर्पोरेट फैसलों पर शेयरहोल्डर्स से मंजूरी मांगेगी।
प्रमोटर डेट का बड़ा दांव
कंपनी ने एक बड़ा वित्तीय निर्णय लेते हुए Shivom Minerals Limited में अपनी 9.40% हिस्सेदारी को गिरवी रखने का प्रस्ताव पास किया है। यह फैसला ₹113 करोड़ के अनलिस्टेड और अनरेटेड सिक्योरड NCDs (Non-Convertible Debentures) जारी करने के लिए लिया गया है, जो प्रमोटर ग्रुप की कंपनी से संबंधित हैं।
निवेशकों के लिए क्या है रिस्क?
कंपनी का दावा है कि इस गिरवी प्रक्रिया का उनके ऑपरेशनल रेवेन्यू पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, मार्केट जानकारों का मानना है कि अगर प्रमोटर ग्रुप की कंपनी Shivom Minerals कर्ज चुकाने में कोई मुश्किल झेलती है, तो गिरवी रखे गए इन एसेट्स की वैल्यूएशन और कंपनी के ओवरऑल पोर्टफोलियो पर दबाव आ सकता है।
आगे क्या रखें नजर?
अगले कुछ दिनों में आने वाले EGM के नोटिस पर सभी की नजरें होंगी, जिसमें एजेंडा के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा, निवेशकों को Shivom Minerals की फाइनेंशियल सेहत पर भी पैनी नजर रखनी चाहिए, क्योंकि कंपनी की कोलैटरल सिक्योरिटी सीधे तौर पर उनके NCD परफॉर्मेंस से जुड़ी है।
