Bharti Airtel, Marico, Kalyan Jewellers: Q1FY27 में दमदार नतीजे, पर इन कंपनियों पर आई ED की तलवार

BANKINGFINANCE
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
Bharti Airtel, Marico, Kalyan Jewellers: Q1FY27 में दमदार नतीजे, पर इन कंपनियों पर आई ED की तलवार

Q1FY27 के नतीजों का दौर जारी है, और इस बार Bharti Airtel, Marico, और Kalyan Jewellers ने शानदार रेवेन्यू (Revenue) और प्रॉफिट (Profit) दर्ज किया है। वहीं, Reliance Infrastructure और Electrotherm India को लेकर Enforcement Directorate (ED) की बड़ी कार्रवाई की खबरें आई हैं।

Q1FY27 के नतीजे: क्या कहते हैं आंकड़े?

कई बड़ी कंपनियों ने पहली तिमाही के नतीजे पेश कर दिए हैं। Telecommunication सेक्टर की दिग्गज कंपनी Bharti Airtel ने ₹58,539 करोड़ का रेवेन्यू और ₹8,057 करोड़ का नेट प्रॉफिट (PAT) दर्ज किया है। वहीं, FMCG कंपनी Marico का रेवेन्यू पिछले साल की इसी तिमाही की तुलना में 22.9% बढ़कर ₹3,957 करोड़ रहा, जबकि नेट प्रॉफिट ₹652 करोड़ रहा। रिटेल ज्वैलरी कंपनी Kalyan Jewellers ने भी जबरदस्त ग्रोथ दिखाई है, जिसका रेवेन्यू 45.7% बढ़कर ₹10,589 करोड़ रहा और नेट प्रॉफिट ₹349 करोड़ दर्ज किया गया।

नई फैक्ट्रियों का इनॉगरेशन और एक्सपेंशन

कॉर्पोरेट जगत से अच्छी खबरें भी आई हैं। Escorts Kubota एक नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का उद्घाटन करने जा रही है, जबकि S.J.S. Enterprises ने अपना नया प्लांट चालू कर दिया है। HFCL अपनी ऑप्टिकल फाइबर कैपेसिटी (Optical Fibre Capacity) का विस्तार कर रही है। इसके अलावा, Nykaa ने Aminu Wellness में मेजोरिटी स्टेक (Majority Stake) खरीदने का ऐलान किया है।

रेगुलेटरी एक्शन का साया

हालांकि, कुछ कंपनियों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। Enforcement Directorate (ED) ने Electrotherm India और उसके प्रमोटर्स के खिलाफ PMLA के तहत केस दर्ज किया है। Reliance Infrastructure की ₹180 करोड़ की संपत्ति को ED ने प्रोविज़नल अटैच (Provisional Attach) कर लिया है। वहीं, Bannari Amman Sugars को बिजली टैक्स की वसूली पर अंतरिम स्टे (Interim Stay) मिल गया है।

क्यों है यह खबर अहम?

ये नतीजे बताते हैं कि टेलीकॉम और रिटेल ज्वैलरी जैसे कंज्यूमर-फेसिंग (Consumer-facing) सेक्टर में डिमांड मजबूत बनी हुई है। कंपनियों की विस्तार योजनाएं भविष्य की ग्रोथ की ओर इशारा करती हैं। लेकिन, जिन कंपनियों पर रेगुलेटरी एक्शन (Regulatory Action) हुआ है, वे निवेशकों के लिए चिंता का सबब बन सकती हैं, जिससे बाजार में थोड़ी वोलेटिलिटी (Volatility) देखने को मिल सकती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.