बैंक ऑफ महाराष्ट्र के शेयरधारकों ने ₹7,500 करोड़ तक की इक्विटी कैपिटल जुटाने और वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्रति शेयर ₹1.20 का फाइनल डिविडेंड देने की योजना को मंजूरी दे दी है। इस कैपिटल इनफ्यूजन का मकसद बेसल III (Basel III) के नियमों का पालन करना है।
Bank of Maharashtra AGM: बड़ी कैपिटल इनफ्यूजन और डिविडेंड को मंजूरी
बैंक ऑफ महाराष्ट्र के शेयरधारकों ने बैंक की 23वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में ₹7,500 करोड़ तक की बड़ी कैपिटल जुटाने और वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्रति इक्विटी शेयर ₹1.20 का फाइनल डिविडेंड देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह मीटिंग 30 जून, 2026 को हुई थी।
निवेशकों के लिए खास: कैपिटल रेज़ से बैंक की बैलेंस शीट मजबूत होगी, वहीं डिविडेंड से शेयरधारकों को फायदा मिलेगा।
क्या हुआ?
23वीं AGM में शेयरधारकों ने चार मुख्य प्रस्तावों को भारी बहुमत से पारित किया। इनमें फाइनल डिविडेंड का भुगतान, बड़े पैमाने पर इक्विटी कैपिटल जुटाने की मंजूरी और एक नए एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर की नियुक्ति शामिल थी। सभी प्रस्ताव आवश्यक बहुमत से पास हुए।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
₹7,500 करोड़ तक की इक्विटी कैपिटल जुटाने की मंजूरी बैंक ऑफ महाराष्ट्र के लिए अपने कैपिटल टू रिस्क (वेटेड) एसेट्स रेशियो (CRAR) को बेसल III (Basel III) रेगुलेशंस के तहत बनाए रखने के लिए बहुत ज़रूरी है। इससे बैंक की फाइनेंशियल नींव और मज़बूत होगी। प्रति शेयर ₹1.20 का फाइनल डिविडेंड, जो कि ₹1.00 के इंटरिम डिविडेंड के बाद दिया जा रहा है, शेयरधारकों को वैल्यू लौटाने की बैंक की प्रतिबद्धता को दिखाता है।
कहानी की पृष्ठभूमि
बैंक ऑफ महाराष्ट्र, जो एक पब्लिक सेक्टर बैंक है, लगातार विकसित हो रहे रेगुलेटरी स्टैंडर्ड्स का पालन करने के लिए अपनी कैपिटल बेस को मज़बूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। इससे पहले, बैंक ने 13 जनवरी, 2026 को प्रति शेयर ₹1.00 का इंटरिम डिविडेंड घोषित किया था।
अब क्या बदलेगा?
बैंक को अब इक्विटी कैपिटल जुटाने के विभिन्न तरीकों, जैसे क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP), फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर (FPO), प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट और बेसल III (Basel III) कंप्लायंट बॉन्ड्स के ज़रिए फंड जुटाने की अनुमति मिल गई है। श्री सुशांता कुमार मोहंती की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर नियुक्ति भी प्रभावी हो गई है।
जोखिम जिन पर नज़र रखें
कैपिटल रेज़ बेशक एक पॉजिटिव कदम है, लेकिन निवेशकों को भविष्य में होने वाली इक्विटी इश्यूज़ के डाइल्यूशन इम्पैक्ट और उनके समय व कीमत पर नज़र रखनी होगी। जुटाए गए फंड का ग्रोथ के लिए प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करना महत्वपूर्ण होगा।
सहकर्मियों से तुलना
पब्लिक सेक्टर बैंक अक्सर रेगुलेटरी नॉर्म्स को पूरा करने के लिए कैपिटल रेज़ करते रहते हैं। ₹7,500 करोड़ की यह राशि काफी बड़ी है और यह बैंक ऑफ महाराष्ट्र को अपने CRAR टारगेट्स को प्रभावी ढंग से पूरा करने की स्थिति में लाती है।
महत्वपूर्ण आंकड़े (समय-आधारित)
शेयरधारकों ने FY 2025-26 के लिए प्रति इक्विटी शेयर ₹1.20 का फाइनल डिविडेंड स्वीकृत किया है। इससे पहले ₹1.00 प्रति शेयर का इंटरिम डिविडेंड दिया गया था। बैंक को ₹7,500 करोड़ तक की इक्विटी कैपिटल जुटाने की अनुमति मिली है।
आगे क्या देखें
निवेशकों को बैंक की योजनाओं और कैपिटल रेज़ को लागू करने की टाइमलाइन के बारे में आगे की घोषणाओं पर ध्यान देना चाहिए। कैपिटल इनफ्यूजन के बाद प्रदर्शन और CRAR पर इसका प्रभाव महत्वपूर्ण होगा।
