बैंक ऑफ महाराष्ट्र (Bank of Maharashtra) ने जून 2026 को समाप्त तिमाही के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। बैंक के कुल कारोबार (Total Business) में **19%** की बढ़त दर्ज की गई, जो अब **₹6.51 लाख करोड़** है। यह वृद्धि मुख्य रूप से ग्लोबल एडवांसेज (Global Advances) में **27%** की उछाल और टोटल डिपॉजिट्स (Total Deposits) में **13%** की बढ़ोतरी से प्रेरित है।
क्या हैं बैंक के नए आंकड़े?
बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने 30 जून, 2026 को समाप्त तिमाही के लिए अपने प्रोविजनल (Provisional) वित्तीय आंकड़े जारी किए हैं। बैंक के कुल कारोबार (Total Business) में पिछले साल की तुलना में 19% की शानदार बढ़ोतरी हुई है, जो अब ₹6.51 लाख करोड़ के स्तर पर पहुँच गया है।
एडवांसेज और डिपॉजिट्स में जोरदार उछाल
बैंक के ग्लोबल एडवांसेज (Global Advances) में 27% की जबरदस्त वृद्धि देखी गई है, जो ₹3.06 लाख करोड़ तक पहुँच गए हैं। वहीं, टोटल डिपॉजिट्स (Total Deposits) भी 13% बढ़कर ₹3.44 लाख करोड़ हो गए हैं।
निवेशकों के लिए क्या मायने?
एडवांसेज में 27% की यह भारी बढ़ोतरी मजबूत क्रेडिट मांग (Credit Demand) का संकेत देती है, और बैंक इस मांग को पूरा करने में सक्षम रहा है। यह ग्रोथ रिटेल, एग्रीकल्चर और MSME (RAM Advances) में 25% और कॉर्पोरेट एडवांसेज (Corporate Advances) में 21% की बढ़ोतरी के साथ व्यापक रही है।
आगे क्या ध्यान रखें?
यह आंकड़े फिलहाल प्रोविजनल (Provisional) हैं, और निवेशकों को फाइनल ऑडिटेड नतीजों का इंतजार करना चाहिए। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बैंक इस क्रेडिट ग्रोथ को कैसे बनाए रखता है, साथ ही डिपॉजिट बेस और फंड की लागत (Cost of Funds) का प्रबंधन कैसे करता है। बैंक का CASA रेशियो 49% पर मजबूत बना हुआ है, हालांकि पिछले साल के 50% से यह मामूली गिरावट दर्शाता है।
जोखिम पर एक नजर
एक बड़ा जोखिम क्रेडिट ग्रोथ (27%) और डिपॉजिट ग्रोथ (13%) के बीच का अंतर हो सकता है। अगर इसे ठीक से मैनेज नहीं किया गया, तो यह बैंक की लिक्विडिटी (Liquidity) पर दबाव डाल सकता है और नेट इंटरेस्ट मार्जिन (Net Interest Margins) को प्रभावित कर सकता है। प्रोविजनल आंकड़े होने के कारण अंतिम नतीजों में कुछ बदलाव भी संभव है।
