बैंक ऑफ महाराष्ट्र (Bank of Maharashtra) ने वितीय साल 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) के शानदार नतीजे पेश किए हैं। बैंक का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट **27%** बढ़कर **₹2,020.19 करोड़** रहा। वहीं, बैंक की कुल आय भी **15%** बढ़कर **₹9,063.29 करोड़** दर्ज की गई।
बैंक ऑफ महाराष्ट्र के दमदार नतीजे
बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने 30 जून, 2026 को समाप्त हुई पहली तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। इस दौरान बैंक ने ₹2,020.19 करोड़ का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि में ₹1,592.76 करोड़ था। यह 27% की जबरदस्त बढ़ोतरी है।
तिमाही के लिए कुल स्टैंडअलोन आय बढ़कर ₹9,063.29 करोड़ हो गई, जो पिछले साल की इसी अवधि में ₹7,878.82 करोड़ थी। आय में यह 15% का इजाफा है।
नतीजों पर एक नज़र
इस शानदार प्रदर्शन के पीछे कई कारण हैं। बैंक की आय में वृद्धि के साथ-साथ, COVID-19 प्रोविजन से ₹250 करोड़ की राशि को रिवर्स करना भी मुनाफे में बड़ी बढ़ोतरी का एक अहम कारक रहा। इससे बैंक की लाभप्रदता (profitability) में सुधार के संकेत मिलते हैं।
बैंक ने अपनी एसेट क्वालिटी (asset quality) को भी मजबूत बनाए रखा है। बैंक का ग्रॉस एनपीए (Gross NPA) 1.45% (जो ₹4,434.28 करोड़ है) और नेट एनपीए (Net NPA) 0.13% (जो ₹404.94 करोड़ है) पर बना हुआ है। ये आंकड़े उद्योग के बाकी बैंकों की तुलना में काफी बेहतर माने जा रहे हैं।
आगे क्या?
निवेशकों की नज़रें अब बैंक की एसेट क्वालिटी पर बनी रहेंगी। साथ ही, बैंक द्वारा रिपोर्ट किए गए धोखाधड़ी के मामलों (fraud cases) और उनके समाधान की रणनीति पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इस तिमाही में 47 धोखाधड़ी के मामले सामने आए, जिनकी कुल राशि ₹106.22 करोड़ थी। इन मामलों के लिए ₹103.84 करोड़ का प्रोविजन रखा गया है।
आरबीआई (RBI) ने बैंक पर ₹0.02 करोड़ का मामूली जुर्माना भी लगाया है। बैंक का आउटस्टैंडिंग प्रोजेक्ट फाइनेंस ₹10,304.61 करोड़ है।
बैंक के रिटेल और एग्री सेक्टर में को-लेंडिंग व्यवस्थाओं (co-lending arrangements) का प्रदर्शन भी भविष्य में महत्वपूर्ण रहेगा।
