Bank of Maharashtra के शानदार नतीजे!
बैंक ऑफ महाराष्ट्र (Bank of Maharashtra) ने 31 मार्च, 2026 को खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। बैंक ने नेट प्रॉफिट में 27.17% की शानदार साल-दर-साल बढ़ोतरी दर्ज की है, जो ₹7,019 करोड़ रहा। वहीं, ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 16.17% की वृद्धि देखी गई और यह ₹10,826 करोड़ पर पहुंच गया। बैंक की कुल आय 15.57% बढ़कर ₹32,823 करोड़ हो गई।
एसेट क्वालिटी में हुआ सुधार
बैंक की एसेट क्वालिटी (Asset Quality) में भी सुधार देखने को मिला है। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPAs) घटकर 1.45% रह गए, जो पिछले साल 1.74% थे। नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NNPAs) भी 0.13% तक नीचे आ गए, जो पहले 0.18% थे। प्रोविजन कवरेज रेशियो (PCR) बढ़कर 98.59% हो गया है।
निवेशकों को मिलेगा ₹1.20 का डिविडेंड
शानदार नतीजों के बीच, बैंक के बोर्ड ने FY 2025-26 के लिए ₹1.20 प्रति इक्विटी शेयर (12%) का फाइनल डिविडेंड देने की सिफारिश की है। इससे पहले बैंक ₹1.00 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) दे चुका है।
भविष्य की योजनाएं
बैंक भविष्य में विस्तार की योजना बना रहा है और अगले पांच सालों में 1,000 नई शाखाएं खोलने का लक्ष्य रखा है। साथ ही, बैंक ने FY 2026-27 को 'डिपॉजिट्स का साल' (Year of Deposits) घोषित किया है ताकि अपनी फंडिंग को और मजबूत किया जा सके।
अहम बात: कॉर्पोरेट गवर्नेंस में चूक
हालांकि, नतीजों के साथ एक चिंताजनक बात भी सामने आई है। एक सीक्रेटेरियल ऑडिट रिपोर्ट (Secretarial Audit Report) में FY 2025-26 के लिए SEBI (LODR) नियमों के कुछ उल्लंघनों का खुलासा हुआ है। इनमें एक स्वतंत्र महिला निदेशक (Independent Woman Director) का न होना, स्वतंत्र निदेशकों की अपर्याप्त संख्या और ऑडिट कमेटी (Audit Committee) व नॉमिनेशन एंड रेमुनरेशन कमेटी (Nomination and Remuneration Committee) जैसी महत्वपूर्ण समितियों के गठन में देरी शामिल है। बैंक ने इन मुद्दों को स्वीकार किया है और कहा है कि निदेशक नियुक्तियों के लिए सरकारी विभागों को अनुरोध भेजा गया है।
