Bank of India को अपने **$1 बिलियन** के Euro Medium Term Note (MTN) प्रोग्राम के लिए S&P और Fitch से 'BBB' और 'BBB-' रेटिंग मिल गई है। यह निवेश-योग्य रेटिंग बैंक के लिए विदेशी कर्ज बाजारों के द्वार खोलने में बड़ी भूमिका निभाएगी।
रेटिंग्स से क्या बदला?
बैंक ऑफ इंडिया को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी साख मजबूत करने का बड़ा मौका मिला है। S&P ग्लोबल ने बैंक को 'BBB' लॉन्ग-टर्म रेटिंग दी है, जबकि फिच (Fitch) ने इसे 'BBB-' का दर्जा दिया है। ये रेटिंग्स बताती हैं कि बैंक के ये नोट्स उसकी अन्य वरिष्ठ असुरक्षित देनदारियों के बराबर ही सुरक्षित माने जाएंगे।
क्यों है यह फैसला अहम?
यह कदम बैंक को ग्लोबल डेट मार्केट में सक्रिय होने की अनुमति देता है। बैंक इस पूंजी का उपयोग अपने हेड ऑफिस की जरूरतों, विदेशी शाखाओं के विस्तार और कॉर्पोरेट कामकाज के लिए करेगा। बैंक ने 28 सितंबर, 2026 को ही इस $1 बिलियन के MTN प्रोग्राम को सेटअप किया था। इसकी लिस्टिंग इंडिया इंटरनेशनल एक्सचेंज (India INX) और NSE IX पर की जाएगी।
जोखिम और सरकारी सपोर्ट
फिलहाल, बैंक ऑफ इंडिया में 73% हिस्सेदारी भारत सरकार की है, जो इसकी क्रेडिट रेटिंग को सपोर्ट करती है। हालांकि, निवेशकों को ग्लोबल मार्केट में चल रही ब्याज दरों की अस्थिरता पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि यह सीधे तौर पर विदेशी मुद्रा में लिए गए कर्ज की लागत को प्रभावित कर सकती है। अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि बैंक कब और किस कूपन रेट पर इन नोट्स को जारी करता है।
