Acuite Ratings & Research ने Bank of India के Basel III डेट इंस्ट्रूमेंट्स की लॉन्ग-टर्म क्रेडिट रेटिंग को बरकरार रखा है। बैंक के बेहतर फाइनेंशियल हेल्थ और सुधरते एसेट क्वालिटी के चलते यह फैसला लिया गया है, जिसमें बैंक ने **₹10,527.15 करोड़** का रिकॉर्ड प्रॉफिट दर्ज किया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस की मजबूती
बैंक का फाइनेंशियल हेल्थ लगातार मजबूत हो रहा है। FY26 में बैंक का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट (PAT) बढ़कर ₹10,527.15 करोड़ हो गया है, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर में ₹9,219.02 करोड़ था। इस ग्रोथ में बैंक के कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (Capital Adequacy Ratio) का 18.01% पर बने रहना एक बड़ा सहारा है।
एसेट क्वालिटी में बड़ा सुधार
बैंक ने बैड लोन की स्थिति में काफी सुधार किया है। बैंक का ग्रॉस NPA (Gross NPA) घटकर 1.98% पर आ गया है, जो FY25 में 3.27% हुआ करता था। साथ ही, नेट NPA (Net NPA) भी सुधरकर 0.56% हो गया है। इसके अलावा बैंक की CASA डिपॉजिट रेशियो 37.64% पर स्थिर बनी हुई है, जो बैंक की लिक्विडिटी को मजबूती देती है।
रेटिंग और बॉन्ड पर असर
Acuite ने बैंक के ₹1,500 करोड़ के Basel III Additional Tier-I बॉन्ड्स को ACUITE AA+ और ₹2,000 करोड़ के Tier-II बॉन्ड्स को ACUITE AAA रेटिंग दी है। साथ ही, बैंक के अनुरोध पर ₹1,500 करोड़ के तीन बॉन्ड सीरीज की रेटिंग वापस ले ली गई है।
निवेशकों के लिए जरूरी सावधानी
भले ही बैंक का प्रदर्शन शानदार है, लेकिन एक्सपर्ट्स की सलाह है कि रिस्ट्रक्चर्ड पोर्टफोलियो और एसेट क्वालिटी के रिस्क पर नजर बनाए रखनी चाहिए। विशेष रूप से AT1 बॉन्ड निवेशकों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि कैपिटल थ्रेशोल्ड गिरने की स्थिति में कूपन सस्पेंशन का जोखिम बना रहता है।
