Bank of India ने चालू फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। बैंक का नेट प्रॉफिट **28.41%** बढ़कर **₹3,308.82 करोड़** पर पहुंच गया है, जबकि कुल इनकम में **16.38%** की जबरदस्त ग्रोथ दर्ज की गई है।
एसेट क्वालिटी में बड़ा सुधार
बैंक की सबसे बड़ी ताकत उसकी सुधरती हुई एसेट क्वालिटी रही है। बैंक का ग्रॉस NPA (Gross NPA) पिछले साल के 2.54% से घटकर इस बार 1.60% पर आ गया है। वहीं, नेट NPA (Net NPA) भी 0.65% से गिरकर 0.42% रह गया है, जो लोन बुक की बेहतर स्थिति को दर्शाता है। इसके अलावा, बैंक ने ₹1,800 करोड़ के Basel III कंप्लेंट टियर-II बॉन्ड्स को रिडीम (Redeem) करके अपनी कैपिटल मैनेजमेंट क्षमता का भी परिचय दिया है।
कॉरपोरेट हलचल और भविष्य की रणनीति
RBI की गाइडलाइन्स का पालन करते हुए, बैंक ने अपने इन्वेस्टमेंट फ्लक्चुएशन रिजर्व से ₹1,394.59 करोड़ को जनरल रिजर्व में ट्रांसफर किया है। साथ ही, बैंक ने अपनी सहयोगी कंपनी ASREC (India) Ltd में ₹22.64 करोड़ का निवेश कर अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 27.30% कर ली है।
निवेशकों के लिए क्या हैं जोखिम?
नतीजे तो मजबूत हैं, लेकिन निवेशकों को ब्याज दरों के साइकल और भविष्य में क्रेडिट कॉस्ट में होने वाली किसी भी हलचल पर नजर रखनी चाहिए। चुनौतीपूर्ण आर्थिक माहौल में NPA के इन स्तरों को बरकरार रखना बैंक के प्रॉफिट के लिए बेहद जरूरी होगा। अब निवेशकों की नजर मैनेजमेंट की कमेंट्री पर है, जो भविष्य के क्रेडिट ग्रोथ टारगेट्स और कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो पर स्पष्टता प्रदान करेगी।
