Bank of India ने चालू फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही में दमदार प्रदर्शन किया है। बैंक का नेट प्रॉफिट **25.32%** बढ़कर **₹3,202 करोड़** पर पहुंच गया है, जिसके पीछे बेहतर एसेट क्वालिटी और लोन ग्रोथ का बड़ा हाथ है।
मुनाफे के पीछे की ताकत
बैंक का ऑपरेटिंग प्रॉफिट 33.18% के उछाल के साथ ₹5,089 करोड़ हो गया है, जिसे नेट इंटरेस्ट इनकम में 18.52% की बढ़ोतरी से काफी सपोर्ट मिला है। सबसे राहत भरी खबर एसेट क्वालिटी को लेकर है, जहां ग्रॉस NPA का आंकड़ा 94 बेसिस पॉइंट्स सुधरकर 1.60% पर आ गया है।
बैलेंस शीट में मजबूती
बैंक अब काफी हद तक सुरक्षित स्थिति में है, जिसका अंदाजा 94.45% के प्रोविजन कवरेज रेश्यो से लगाया जा सकता है। मैनेजमेंट ने अगले कुछ महीनों के लिए एडवांस ग्रोथ 15-16% और डिपॉजिट ग्रोथ 16-17% रहने का अनुमान जताया है।
आगे की चुनौतियां और रिस्क
सब कुछ ठीक दिखने के बावजूद, निवेशकों को CASA (करंट अकाउंट सेविंग्स अकाउंट) रेश्यो पर नजर रखनी होगी, जो फिलहाल 34.16% के दबाव में है। इसके अलावा, नए ECL (एक्सपेक्टेड क्रेडिट लॉस) नॉर्म्स का असर भी बैंक की कैपिटल पोजीशन पर पड़ सकता है, हालांकि बैंक इसे इंटरनल अक्रूअल से संभालने की तैयारी कर चुका है।
