Bank of Baroda AGM: डिविडेंड और कैपिटल रेज का रोडमैप
बैंक ऑफ बड़ौदा ने अपने शेयरधारकों के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। बैंक अपनी 30वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 23 जून 2026 को आयोजित करेगा। इस मीटिंग में कई अहम फैसलों पर मुहर लगेगी, जिसमें ₹8.50 प्रति इक्विटी शेयर का डिविडेंड और ₹8,500 करोड़ की पूंजी जुटाने का प्रस्ताव शामिल है।
क्या हैं खास बातें?
बैंक के बोर्ड ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए ₹8.50 प्रति इक्विटी शेयर के डिविडेंड की सिफारिश की है। हालांकि, यह मंजूरी शेयरधारकों द्वारा AGM में पास होने पर ही लागू होगी। इसके साथ ही, बैंक फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए ₹8,500 करोड़ तक की पूंजी जुटाने की योजना बना रहा है। इस फंड का इस्तेमाल बैंक की वित्तीय स्थिति को और मजबूत करने के लिए किया जाएगा। यह पूंजी QIP, FPO, या Rights Issue जैसे विभिन्न माध्यमों से जुटाई जा सकती है, जो बैंक के मौजूदा ₹3,000 करोड़ के ऑथराइज्ड कैपिटल लिमिट के भीतर होगा।
AGM के एजेंडे में मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO डॉ. देबाडत्ता चंद, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स श्री ललित त्यागी और श्री संजय विनायक मुदलियार की पुनः नियुक्ति के लिए शेयरधारकों की सहमति लेना भी शामिल है। वहीं, श्री आशीष मधाओराव मोरे को नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (GOI Nominee) के रूप में नियुक्त करने का भी प्रस्ताव है।
यह 30वीं AGM पूरी तरह से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) और ऑडियो-विजुअल माध्यमों (OAVM) से आयोजित की जाएगी। शेयरधारक 19 जून से 22 जून 2026 तक रिमोट ई-वोटिंग कर सकेंगे। डिविडेंड पाने के हकदार शेयरधारकों की पहचान के लिए रिकॉर्ड डेट 5 जून 2026 तय की गई है।
निवेशकों के लिए क्यों अहम?
शेयरधारकों के लिए, ₹8.50 प्रति शेयर का सुझाया गया डिविडेंड उनके निवेश पर सीधा रिटर्न प्रदान करेगा (बशर्ते AGM में मंजूरी मिल जाए)। वहीं, ₹8,500 करोड़ का यह बड़ा कैपिटल रेजिंग प्लान बैंक की विस्तार योजनाओं और वित्तीय मजबूती का संकेत देता है, जो भविष्य में ग्रोथ के अवसर पैदा कर सकता है। मैनेजमेंट में निरंतरता से बैंक के संचालन और रणनीतिक दिशा में स्थिरता बनी रहने की उम्मीद है।
भविष्य की राह
अब निवेशकों को AGM में डिविडेंड और ₹8,500 करोड़ के कैपिटल रेजिंग प्रस्ताव पर होने वाली वोटिंग के नतीजों पर नजर रखनी होगी। पूंजी जुटाने की योजना का अमल और बाजार की स्थितियां भविष्य के लिए महत्वपूर्ण होंगी।
