Bank of Baroda: विदेशी उधारी सीमा दोगुनी होकर USD 10 बिलियन हुई, ESG बॉन्ड के लिए ₹8300 करोड़ का सब-लिमिट

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AuthorNeha Patil|Published at:
Bank of Baroda: विदेशी उधारी सीमा दोगुनी होकर USD 10 बिलियन हुई, ESG बॉन्ड के लिए ₹8300 करोड़ का सब-लिमिट

बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) के बोर्ड ने विदेशी उधारी की सीमा को दोगुना करके **USD 10 बिलियन** करने की मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही, बैंक ने **USD 4 बिलियन** के मीडियम टर्म नोट (MTN) प्रोग्राम के तहत ग्रीन/ईएसजी बॉन्ड के लिए **USD 1 बिलियन** का एक सब-लिमिट भी पेश किया है। यह कदम बैंक के अंतर्राष्ट्रीय परिचालन के लिए लिक्विडिटी (liquidity) को मजबूत करेगा।

Detailed Coverage

बैंक ऑफ बड़ौदा की अंतर्राष्ट्रीय उधारी में बड़ा इजाफा

बैंक ऑफ बड़ौदा ने अपने विदेशी परिचालन के लिए उधारी की सीमा को USD 5 बिलियन से बढ़ाकर USD 10 बिलियन कर दिया है। यह एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम है जिसका उद्देश्य बैंक के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लिए लिक्विडिटी और वित्तीय लचीलेपन को बढ़ाना है।

क्या हुआ है?

बैंक के निदेशक मंडल (Board of Directors) ने विदेशी परिचालन से उधारी लेने की सीमा में भारी वृद्धि को मंजूरी दी है। इसमें सिंडिकेटेड लोन, द्विपक्षीय लोन और क्लब डील जैसी विभिन्न लोन सुविधाएं शामिल हैं।

इसके अलावा, बैंक ने USD 4 बिलियन के अपने मीडियम टर्म नोट (MTN) प्रोग्राम को बनाए रखने का फैसला किया है। इस प्रोग्राम के तहत एक नया सब-लिमिट USD 1 बिलियन का पेश किया गया है, जो विशेष रूप से अंतर्राष्ट्रीय परिचालन, जिसमें IFSC-Special Economic Zone (SEZ) भी शामिल है, के लिए ग्रीन और ESG (Environmental, Social, and Governance) बॉन्ड जारी करने के लिए आरक्षित होगा।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

उधारी सीमा का दोगुना होना बैंक ऑफ बड़ौदा को उसके अंतर्राष्ट्रीय वेंचर्स के लिए काफी अधिक वित्तीय संसाधन और परिचालन क्षमता प्रदान करता है। यह इसके वैश्विक संपत्ति आधार के विस्तार का संकेत दे सकता है या विदेश में ऋण परिपक्वताओं (debt maturities) और पुनर्वित्त (refinancing) की जरूरतों को प्रबंधित करने में अधिक चपलता प्रदान कर सकता है। ईएसजी बॉन्ड के लिए समर्पित सब-लिमिट स्थायी वित्त (sustainable finance) के प्रति बैंक की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करता है, जो वैश्विक निवेशकों की प्राथमिकताओं और हरित निवेशों के पक्ष में नियामक रुझानों के अनुरूप है।

आगे क्या देखना है?

निवेशकों को इन बढ़ी हुई उधारी सीमाओं के उपयोग के संबंध में भविष्य की घोषणाओं पर नजर रखनी चाहिए। प्रमुख संकेतक अंतर्राष्ट्रीय संपत्तियों में वृद्धि, किसी भी नए ग्रीन/ईएसजी बॉन्ड इश्यू की सफलता और मूल्य निर्धारण, और बैंक के शुद्ध ब्याज मार्जिन (net interest margin) और अंतर्राष्ट्रीय परिचालनों से लाभप्रदता पर समग्र प्रभाव होंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.