Bank of Baroda: अमेरिकी डॉलर बॉन्ड के लिए मिली दमदार रेटिंग, अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ी साख

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Bank of Baroda: अमेरिकी डॉलर बॉन्ड के लिए मिली दमदार रेटिंग, अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ी साख

बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) ने अपने अमेरिकी डॉलर (USD) वाले नोट्स के लिए फिच (Fitch), एसएंडपी (S&P) और केयरएज (CareEdge) जैसी प्रतिष्ठित रेटिंग एजेंसियों से अच्छी रेटिंग हासिल की है। यह रेटिंग बैंक के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार से फंड जुटाने में मदद करेगी।

बैंक ऑफ बड़ौदा को USD नोट इश्यू के लिए मिली ग्लोबल क्रेडिट रेटिंग

फिच (Fitch), एसएंडपी (S&P) और केयरएज (CareEdge) ने बैंक ऑफ बड़ौदा के मीडियम-टर्म नोट (MTN) प्रोग्राम के तहत जारी किए गए अमेरिकी डॉलर (USD) वाले नोटों को क्रेडिट रेटिंग दी है।

क्या है खास:

  • फिच (Fitch) ने बैंक के USD 300 मिलियन के 5.318% नोट्स (2031 में मैच्योर) और USD 400 मिलियन के 5.114% नोट्स (2029 में मैच्योर) को 'BBB-' रेटिंग दी है।
  • एसएंडपी ग्लोबल (S&P Global) ने इन्हीं इश्यू को 'BBB' रेटिंग से नवाजा है।
  • केयरएज ग्लोबल (CareEdge Global) ने ग्लोबल मीडियम-टर्म नोट्स और लॉन्ग-टर्म फॉरेन करेंसी इश्यूअर रेटिंग को 'BBB+/Stable' का दर्जा दिया है।

यह क्यों मायने रखता है?

ये रेटिंग्स बैंक ऑफ बड़ौदा की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फंड जुटाने की क्षमता के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। प्रतिष्ठित ग्लोबल एजेंसियों से लगातार मिल रही सकारात्मक रेटिंग्स विदेशी डेट मार्केट्स में बैंक की क्रेडिट योग्यता और स्थिरता को दर्शाती हैं। इससे उधार लेने की लागत कम हो सकती है और निवेशकों का भरोसा बढ़ सकता है।

पूरी कहानी

भारत के दूसरे सबसे बड़े पब्लिक सेक्टर बैंक (PSB) के तौर पर, बैंक ऑफ बड़ौदा को अपनी रणनीतिक अहमियत और सरकार से मिलने वाले मजबूत समर्थन का काफी फायदा मिलता है। भारत सरकार (GoI) के पास बैंक की लगभग 64% हिस्सेदारी है, जिसे रेटिंग एजेंसियां असाधारण समर्थन की संभावना का आकलन करते समय काफी महत्व देती हैं।

अब क्या बदलेगा?

पुष्टि की गई रेटिंग्स बैंक के मौजूदा और भविष्य के USD नोट इश्यू के लिए एक स्थिर क्रेडिट प्रोफाइल प्रदान करती हैं। इस स्पष्टता से अंतरराष्ट्रीय पूंजी बाजारों तक आसान पहुंच की उम्मीद है।

जोखिम क्या हैं?

हालांकि सरकारी समर्थन एक बड़ा सकारात्मक पहलू है, रेटिंग एजेंसियां संपत्ति की गुणवत्ता पर नजर रखने के महत्व को नोट करती हैं, खासकर MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) और कृषि क्षेत्रों में, जो भविष्य में चुनौतियां पेश कर सकते हैं।

साथियों से तुलना

एक बड़े पब्लिक सेक्टर बैंक के रूप में, बैंक ऑफ बड़ौदा की रेटिंग्स की तुलना अक्सर अन्य PSBs और भारत की संप्रभु रेटिंग (Sovereign Rating) से की जाती है। इसकी 'BBB-' से 'BBB+' तक की रेटिंग्स, मजबूत संप्रभु लिंकेज वाली संस्थाओं से अपेक्षित स्तर के अनुरूप हैं।

महत्वपूर्ण आंकड़े

31 मार्च, 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, बैंक ऑफ बड़ौदा ने ₹21,015 बिलियन की कंसोलिडेटेड टोटल एसेट्स (कुल संपत्ति), ₹1,568 बिलियन का टोटल इनकम (कुल आय) और ₹198 बिलियन का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया था। इसका रिटर्न ऑन एसेट्स (RoA) 1.0% था।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.