CARE Ratings ने Bank of Baroda की 'CARE AAA' और 'CARE A1+' रेटिंग को बरकरार रखा है। हालांकि, NMC Health मामले में **₹5,680 करोड़** के प्रोविजन के चलते Q1 FY27 के मुनाफे में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
रेटिंग और स्थिरता पर भरोसा
CARE Ratings ने बैंक की मजबूत स्थिति को देखते हुए उसकी 'CARE AAA' और 'CARE A1+' रेटिंग को यथावत रखा है। बैंक की मजबूत सरकारी हिस्सेदारी और पूरे भारत में फैले नेटवर्क को इसकी बड़ी ताकत माना गया है। बता दें कि 30 जून 2026 तक बैंक में भारत सरकार की हिस्सेदारी 63.97% है।
मुनाफे पर NMC का असर
Q1 FY27 में बैंक का नेट प्रॉफिट गिरकर ₹1,278 करोड़ पर आ गया है, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹4,541 करोड़ था। इस गिरावट की मुख्य वजह NMC Health ग्रुप से जुड़ा ₹5,680 करोड़ का वन-टाइम सेटलमेंट प्रोविजन है।
बैंक की सेहत और रिस्क फैक्टर्स
बैंक का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (CAR) अभी भी 16.30% पर है, जो रेगुलेटरी मानकों से काफी ऊपर है। एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर नेट NPA 0.50% पर नियंत्रित बना हुआ है। हालांकि, बैंक फिलहाल एक साइबर सिक्योरिटी मामले (बिजनेस ईमेल कॉम्प्रोमाइज) की जांच कर रहा है, जिस पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए।
