बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) ने Q1 FY27 के नतीजे जारी कर दिए हैं। रिपोर्टेड नेट प्रॉफिट **₹1,278 करोड़** रहा, जो कि एक बड़े मुकदमे के निपटारे के चलते कम दिखा। लेकिन, एडजस्टेड आंकड़े बताते हैं कि बैंक का कोर बिजनेस मजबूत है।
बैंक ऑफ बड़ौदा का Q1 FY27 रिजल्ट: रिपोर्टेड प्रॉफिट ₹1,278 करोड़, एडजस्टेड प्रॉफिट ₹5,528 करोड़
रिपोर्टेड नेट प्रॉफिट: ₹1,278 करोड़
एडजस्टेड नेट प्रॉफिट: ₹5,528 करोड़
निवेशकों के लिए खास: एकमुश्त सेटलमेंट ने रिपोर्टेड मुनाफे को प्रभावित किया, पर कोर ऑपरेशंस में ग्रोथ और एसेट क्वालिटी स्थिर बनी हुई है।
क्या हुआ?
बैंक ऑफ बड़ौदा ने Q1 FY2026-27 के नतीजे घोषित किए हैं। बैंक का रिपोर्टेड नेट प्रॉफिट ₹1,278 करोड़ रहा। इस पर एक बड़े लीगेसी मुकदमे, NMC ग्रुप लिटिगेशन, के आउट-ऑफ-कोर्ट सेटलमेंट का असर पड़ा है। इसके लिए 60 करोड़ डॉलर का भुगतान 1 जुलाई 2026 को किया गया था। इस एकमुश्त खर्चे को एडजस्ट करने के बाद, बैंक का नेट प्रॉफिट ₹5,528 करोड़ रहा। बैंक का Return on Assets (ROA) 1.10% और Return on Equity (ROE) 16.57% दर्ज किया गया।
यह क्यों मायने रखता है?
रिपोर्टेड नेट प्रॉफिट कम लगने के बावजूद, एडजस्टेड आंकड़े बैंक के बिजनेस की असली ताकत दिखाते हैं। NMC लिटिगेशन के सेटलमेंट से एक बड़ा कानूनी बोझ हट गया है। इससे मैनेजमेंट अब भविष्य की ग्रोथ पर बिना किसी अनिश्चितता के ध्यान केंद्रित कर पाएगा।
क्या बदला?
यह लीगेसी लिटिगेशन बैंक के लिए एक पुरानी समस्या थी, जिसका अब समाधान हो गया है। आउट-ऑफ-कोर्ट सेटलमेंट से इस मामले में अंतिम फैसला आ गया है।
आगे क्या?
मुकदमा निपट जाने के बाद, बैंक ऑफ बड़ौदा अब अपने रणनीतिक ग्रोथ लक्ष्यों पर फोकस कर सकता है। यह एकमुश्त चार्ज अब दोबारा नहीं लगेगा, जिसका मतलब है कि भविष्य के रिपोर्टेड प्रॉफिट बैंक के ऑपरेशनल परफॉरमेंस को बेहतर ढंग से दर्शाएंगे।
जोखिम पर नजर
हालांकि कोर बिजनेस मजबूत दिख रहा है, निवेशक बैंक की क्षमता पर नजर रखेंगे कि वह बदलते ब्याज दरों के माहौल में अपने अनुमानित नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 2.75% से 2.95% को कैसे बनाए रखता है।
पीयर तुलना
इस तिमाही में बैंक ऑफ बड़ौदा का रिपोर्टेड प्रॉफिट, एकमुश्त खर्च को एडजस्ट किए बिना, सीधे तौर पर अन्य बैंकों से तुलना करने लायक नहीं है। हालांकि, रिटेल, MSME और कॉर्पोरेट लोन में बैंक की ग्रोथ पब्लिक सेक्टर बैंकिंग स्पेस में प्रतिस्पर्धी है।
अहम मेट्रिक्स (समय के साथ)
बैंक का ग्लोबल बिजनेस ₹30.5 लाख करोड़ तक पहुंच गया, जो पिछले साल की तुलना में 15.4% ज्यादा है। ग्लोबल एडवांसेज में 17.4% की सालाना वृद्धि हुई। बैंक की ऑर्गेनिक रिटेल बुक 18.4%, एग्रीकल्चर एडवांसेज 18.7%, और MSME एडवांसेज 20.3% बढ़ी हैं।
आगे क्या देखें?
निवेशक आने वाली तिमाहियों में बैंक के एडजस्टेड प्रॉफिटेबिलिटी में लगातार ग्रोथ और एसेट क्वालिटी मेट्रिक्स में सुधार पर नजर रखेंगे।
