CareEdge Global ने बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) को 'BBB+/Stable' की फॉरेन करेंसी इश्यूअर रेटिंग दी है। यह रेटिंग बैंक के $4 बिलियन के ग्लोबल मीडियम-टर्म नोट्स (GMTN) प्रोग्राम पर भी लागू होती है। यह रेटिंग बैंक के महत्व और सरकार के मजबूत समर्थन को दर्शाती है, क्योंकि भारत सरकार की इसमें **63.97%** हिस्सेदारी है।
बैंक ऑफ बड़ौदा को मिली 'BBB+/Stable' रेटिंग
केयरएज ग्लोबल (CareEdge Global) ने बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) की फॉरेन करेंसी इश्यूअर रेटिंग को 'BBB+/Stable' पर स्थिर रखा है। यह रेटिंग बैंक के $4 बिलियन के ग्लोबल मीडियम-टर्म नोट्स (GMTN) प्रोग्राम के लिए भी मान्य है।
रेटिंग क्यों महत्वपूर्ण है?
यह रेटिंग बैंक की विदेशी मुद्रा देनदारियों के लिए एक मजबूत क्रेडिट प्रोफाइल का संकेत देती है। इससे अंतरराष्ट्रीय निवेशकों का बैंक की वित्तीय सेहत पर भरोसा बढ़ता है, जो विदेशी मुद्रा में फंड जुटाने के लिए अहम है। भारत सरकार की 63.97% हिस्सेदारी के चलते बैंक को सरकार से लगातार समर्थन मिलने की उम्मीद है, जो इसकी सिस्टमैटिक महत्वपूर्णता को भी उजागर करता है।
बैंक का वित्तीय प्रदर्शन
31 मार्च 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, बैंक ऑफ बड़ौदा का स्टैंडअलोन टोटल एसेट्स (Total Assets) ₹20,092 बिलियन रहा, जबकि इसका प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (Profit After Tax) ₹200 बिलियन दर्ज किया गया। बैंक की कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (CAR) 15.8% थी, जो नियामक न्यूनतम 11.5% से काफी ऊपर है। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) पिछले साल के 2.3% से घटकर 1.9% हो गया, और नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NNPA) 0.6% से गिरकर 0.4% पर आ गया। कंसॉलिडेटेड आधार पर, टोटल एसेट्स ₹21,015 बिलियन और प्रॉफिट आफ्टर टैक्स ₹198 बिलियन रहा।
आगे क्या?
इस 'BBB+/Stable' रेटिंग से बैंक के फॉरेन करेंसी डेट के लिए एक स्थिर आउटलुक मिलता है। $4 बिलियन के GMTN प्रोग्राम को आधिकारिक रेटिंग मिलने से यह अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए और अधिक आकर्षक हो सकता है।
जोखिमों पर एक नज़र
आगे चलकर, लोन की रीप्राइसिंग और डिपॉजिट लागतों के बीच संभावित लाभप्रदता का दबाव नेट इंटरेस्ट मार्जिन (Net Interest Margins) को प्रभावित कर सकता है। MSME (लगभग 6.1% GNPA) और एग्रीकल्चर (लगभग 4.5% GNPA) सेगमेंट में एसेट क्वालिटी अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है, जो इन क्षेत्रों में कुछ कमजोरियों का संकेत देते हैं।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों को बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर नजर रखनी चाहिए। साथ ही, MSME और कृषि क्षेत्रों में एसेट क्वालिटी को मैनेज करने में बैंक का प्रदर्शन, समग्र बिजनेस ग्रोथ और लाभप्रदता के रुझानों के साथ, महत्वपूर्ण रहेगा।
