बंधन बैंक (Bandhan Bank) ने पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। बैंक के नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर **35%** का शानदार उछाल आया है, जो कि ₹502 करोड़ रहा। एसेट क्वालिटी में भी सुधार देखने को मिला है।
Detailed Coverage
बंधन बैंक का दमदार प्रदर्शन: Q1 FY27 में 35% बढ़ा मुनाफा
बंधन बैंक (Bandhan Bank) ने 30 जून 2026 को समाप्त हुई पहली तिमाही के लिए अपने शानदार वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। बैंक ने इस अवधि में ₹502 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी अवधि के ₹372 करोड़ की तुलना में 35% अधिक है। बैंक की कुल आय ₹6,234 करोड़ पर लगभग स्थिर रही।
एसेट क्वालिटी में सुधार
बैंक की एसेट क्वालिटी में भी सुधार के संकेत मिले हैं। 30 जून 2026 तक, ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPAs) 3.1% पर थे, जबकि नेट NPAs घटकर 0.9% रह गए। यह बैंक की वित्तीय सेहत और जोखिम प्रबंधन के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
निवेशकों के लिए डिविडेंड की खबर
बैंक ने शेयरधारकों को आगामी 12वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में डिविडेंड (Dividend) की मंजूरी के लिए प्रस्ताव रखने की भी सूचना दी है। यह AGM 24 अगस्त 2026 को होनी है, और डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 17 अगस्त 2026 तय की गई है।
नेतृत्व में बदलाव और लेबर कोड का असर
आगामी नेतृत्व में बदलाव के तौर पर, श्री विनय जैन 26 सितंबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक अंतरिम सीएफओ (Interim CFO) का पद संभालेंगे। साथ ही, चीफ ऑफ इंटरनल विजिलेंस (CIV) श्री प्रकाश ई का कार्यकाल 30 सितंबर 2026 तक बढ़ाया गया है।
हालांकि, नवंबर 2025 में लागू हुए नए लेबर कोड (Labour Codes) का असर भी नतीजों पर दिखा है। इससे बैंक पर ₹60.83 करोड़ की अतिरिक्त ग्रेच्युटी देनदारी (Gratuity Liability) का बोझ पड़ा, जिसने ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस को प्रभावित किया है।
आगे क्या देखें
निवेशकों की नजरें अब AGM में डिविडेंड की घोषणा पर होंगी। अंतरिम सीएफओ के कार्यकाल की प्रभावशीलता, लेबर कोड का भविष्य के खर्चों पर असर, और बैंक के अगले तिमाही के प्रदर्शन पर बारीकी से नजर रखी जाएगी।
