Bandhan Bank Share: लोन में 16% से ज़्यादा की बम्पर ग्रोथ, लेकिन जमाओं (Deposits) में आई मामूली गिरावट

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AuthorAditya Rao|Published at:
Bandhan Bank Share: लोन में 16% से ज़्यादा की बम्पर ग्रोथ, लेकिन जमाओं (Deposits) में आई मामूली गिरावट

बंधन बैंक (Bandhan Bank) के लिए पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे मिले-जुले रहे। एक ओर जहां बैंक के लोन **16.4%** बढ़कर **₹1.55 लाख करोड़** के पार पहुंच गए, वहीं दूसरी ओर कुल जमाओं (Total Deposits) में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई। बैंक अब रिटेल जमाओं पर ज़्यादा फोकस कर रहा है।

लोन में तेज़ी, पर जमाओं पर रखें नज़र

बंधन बैंक (Bandhan Bank) ने पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजों का ऐलान किया है। बैंक के लोन और एडवांसेज (Loans & Advances) पिछले साल के मुकाबले 16.4% बढ़कर ₹1,55,513 करोड़ पर पहुंच गए। वहीं, तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) के आधार पर भी इसमें 0.8% की बढ़त दर्ज की गई है।

हालांकि, बैंक की कुल जमाओं (Total Deposits) में थोड़ी नरमी दिखी। 30 जून 2026 तक कुल जमा ₹1,64,886 करोड़ रही, जो पिछले साल के मुकाबले 6.6% ज़्यादा है। लेकिन, पिछली तिमाही की तुलना में इसमें 0.9% की मामूली गिरावट आई है।

क्यों ज़रूरी है यह बदलाव?

लोन में लगातार ग्रोथ इस बात का संकेत है कि बैंक के क्रेडिट प्रोडक्ट्स की डिमांड अच्छी बनी हुई है। बैंक अब अपनी कुल जमाओं में रिटेल जमाओं (Retail Deposits) की हिस्सेदारी बढ़ाने पर ज़ोर दे रहा है। रिटेल जमाओं का अनुपात 73.96% हो गया है, जो पिछली तिमाही के 73.67% से बेहतर है। यह कदम बैंक की फंड की स्थिरता और ब्याज लागत को कंट्रोल करने के लिए अहम है।

पृष्ठभूमि (Backstory)

बंधन बैंक लगातार अपनी फंड जुटाने की रणनीति में बदलाव ला रहा है और अपनी जमाओं के बेस को मजबूत कर रहा है। हालिया आंकड़े दिखाते हैं कि बैंक अब बल्क डिपॉजिट्स (Bulk Deposits) पर अपनी निर्भरता कम कर रहा है, जो आमतौर पर ज़्यादा अस्थिर और महंगी होती हैं।

आगे क्या?

निवेशक यह देखेंगे कि क्या बैंक अपनी लोन ग्रोथ की रफ्तार को बनाए रखते हुए आने वाली तिमाहियों में अपनी जमाओं, खासकर रिटेल जमाओं को स्थिर और बढ़ा पाता है। बैंक की लिक्विडिटी पोजीशन (Liquidity Position) काफी मजबूत बनी हुई है, जिसका लिक्विडिटी कवरेज रेशियो (LCR) करीब 146.65% है, जो रेगुलेटरी ज़रूरतों से काफी ऊपर है।

जोखिम (Risks to Watch)

लोन ग्रोथ अच्छी होने के बावजूद, कुल जमाओं, खासकर बल्क डिपॉजिट्स में आई तिमाही गिरावट पर नज़र रखने की ज़रूरत है। लायबिलिटी साइड को मैनेज करना ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण होगा। निवेशकों को फाइनल ऑडिटेड नतीजों का इंतज़ार करना चाहिए।

कुछ अहम आंकड़े:

  • लोन और एडवांसेज: ₹1,55,513 करोड़ (30 जून 2026), पिछले साल से 16.4% ज़्यादा, पिछली तिमाही से 0.8% ज़्यादा।
  • कुल जमाएं: ₹1,64,886 करोड़ (30 जून 2026), पिछले साल से 6.6% ज़्यादा, पिछली तिमाही से 0.9% कम।
  • बल्क डिपॉजिट्स: ₹42,930 करोड़ (30 जून 2026), पिछले साल से 12.7% कम, पिछली तिमाही से 2.0% कम।
  • लिक्विडिटी कवरेज रेशियो (LCR): 146.65% (30 जून 2026)।
  • कलेक्शन एफिशिएंसी: 98.9%
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