Bandhan Bank के लिए बुरी खबर! FY26 में मुनाफा 55% गिरा, ₹1,224 करोड़ पर आया

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AuthorMehul Desai|Published at:
Bandhan Bank के लिए बुरी खबर! FY26 में मुनाफा 55% गिरा, ₹1,224 करोड़ पर आया

बंधन बैंक (Bandhan Bank) ने वित्त वर्ष 2026 के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। बैंक का नेट प्रॉफिट 55.43% घटकर ₹1,223.56 करोड़ पर आ गया है, जिसका मुख्य कारण मार्जिन पर दबाव है। हालांकि, कुल जमा (Total Deposits) 10.01% बढ़ी हैं और नेट एडवांसेस (Net Advances) में 13.73% की बढ़ोतरी हुई है। बैंक ने ₹1.50 प्रति शेयर के डिविडेंड (Dividend) की सिफारिश की है।

क्या हुआ?

बंधन बैंक (Bandhan Bank) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने वित्तीय नतीजे घोषित कर दिए हैं। बैंक ने ₹1,223.56 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया है, जो पिछले वित्त वर्ष (FY 2024-25) के ₹2,745.30 करोड़ की तुलना में काफी कम है।

इस गिरावट की मुख्य वजहें नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में 5.75% की कमी (जो ₹10,829.69 करोड़ रही) और प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) में 52.15% की गिरावट (जो ₹1,733.81 करोड़ रहा) हैं।

मुनाफे में गिरावट के बावजूद, बैंक ने अपने बिजनेस ऑपरेशंस में अच्छी ग्रोथ दिखाई है। कुल जमा (Total Deposits) 10.01% बढ़कर ₹1,66,344.45 करोड़ हो गई हैं, और नेट एडवांसेस (Net Advances) 13.73% बढ़कर ₹1,50,103.78 करोड़ हो गए हैं।

बैंक ने ₹1.50 प्रति शेयर के डिविडेंड (Dividend) की भी सिफारिश की है।

निवेशकों के लिए क्यों अहम है?

मुनाफे में आई यह बड़ी गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय है, खासकर तब जब जमा और एडवांसेस में अच्छी ग्रोथ देखी जा रही है। यह मार्जिन में भारी दबाव और ऑपरेशनल चुनौतियों का संकेत देता है।

हालांकि, बैंक के बिजनेस वॉल्यूम में मजबूती दिख रही है, लेकिन इसकी कमाई की क्षमता प्रभावित हुई है। शेयरधारकों को ₹1.50 प्रति शेयर का डिविडेंड जरूर मिल रहा है, लेकिन यह गिरावट के माहौल में एक छोटी राहत है।

बैंक का यह प्रदर्शन एक चुनौतीपूर्ण दौर का संकेत देता है, और निवेशकों को इसकी प्रॉफिटेबिलिटी वापस लाने की क्षमता का आकलन करना होगा।

बैंक की कहानी

बंधन बैंक माइक्रोफाइनेंस से आगे बढ़कर एक यूनिवर्सल बैंक बनने की कोशिश कर रहा है। इस बदलाव के दौरान, शॉर्ट-टर्म मार्जिन पर असर पड़ना स्वाभाविक है। बैंक के 6,355 बैंकिंग आउटलेट हैं। हाल ही में, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा बैंक पर कुल ₹44.70 लाख और ₹41.80 लाख का जुर्माना भी लगाया गया था, जो कंप्लायंस से जुड़ी चुनौतियों को दर्शाता है।

आगे क्या?

निवेशक अब 'बंधन 2.0' रोडमैप के तहत बैंक के स्ट्रैटेजिक एग्जीक्यूशन पर करीब से नजर रखेंगे। फोकस नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) को बेहतर बनाने, एसेट क्वालिटी को मैनेज करने और रेगुलेटरी जरूरतों को पूरा करने पर होगा।

जोखिम

मुख्य जोखिमों में मार्जिन प्रेशर के कारण प्रॉफिटेबिलिटी में लगातार गिरावट, माइक्रोफाइनेंस सेक्टर (जो बैंक का मुख्य बिजनेस है) में संभावित दबाव और रेगुलेटरी जांच का असर शामिल है। RBI द्वारा हाल ही में लगाए गए जुर्माने कड़े कंप्लायंस और रिस्क मैनेजमेंट की जरूरत को रेखांकित करते हैं।

तुलना

हालांकि, FY26 के लिए पीयर (Peer) कंपनियों का डेटा अभी उपलब्ध नहीं है, लेकिन बैंकिंग सेक्टर के रुझानों के मुकाबले बंधन बैंक की जमा और एडवांसेस की ग्रोथ को देखना होगा। लेकिन, PAT में आई भारी गिरावट यह दर्शाती है कि बैंक मार्जिन मैनेजमेंट में अपने प्रतिस्पर्धियों से पीछे रह सकता है।

मुख्य आंकड़े (समय के साथ)

  • कुल जमा (Total Deposits): ₹1,66,344.45 करोड़ (FY26) बनाम ₹1,51,212.50 करोड़ (FY25)
  • नेट एडवांसेस (Net Advances): ₹1,50,103.78 करोड़ (FY26) बनाम ₹1,31,987.32 करोड़ (FY25)
  • नेट इंटरेस्ट इनकम (Net Interest Income): ₹10,829.69 करोड़ (FY26) बनाम ₹11,490.58 करोड़ (FY25)
  • प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT): ₹1,223.56 करोड़ (FY26) बनाम ₹2,745.30 करोड़ (FY25)
  • बेसिक ईपीएस (Basic EPS): ₹7.60 (FY26) बनाम ₹17.04 (FY25)

आगे क्या देखें?

निवेशकों को NIMs, एसेट क्वालिटी (खासकर माइक्रोफाइनेंस सेगमेंट में) और बैंक की डायवर्सिफिकेशन स्ट्रेटेजी की सफलता में रुझानों को देखने के लिए बंधन बैंक के तिमाही नतीजों पर नजर रखनी चाहिए। किसी भी अतिरिक्त रेगुलेटरी एक्शन या लोन पोर्टफोलियो में बड़े बदलावों पर भी नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.