Ballarpur Industries Limited ने प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए **₹57.50 करोड़** के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी किए हैं। 3 साल की अवधि वाले ये जीरो-कूपन बॉन्ड **21 सितंबर, 2029** को मैच्योर होंगे, जिनका इस्तेमाल कंपनी अपने वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए करेगी।
फंड जुटाने की पूरी प्रक्रिया
Ballarpur Industries ने BSE के इलेक्ट्रॉनिक बुक प्रोवाइडर प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके ये फंड जुटाए हैं। कंपनी ने 5,750 डिबेंचर्स जारी किए हैं, जिनमें से हर एक की फेस वैल्यू ₹1 लाख है। ये सिक्योरिटीज Infotel Technologies Private Limited और Belgrave Investment Fund को अलॉट की गई हैं।
निवेशकों के लिए क्या है मायने?
कंपनी के लिए यह कदम महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे इक्विटी डाइल्यूशन (Shareholder dilution) हुए बिना वर्किंग कैपिटल के लिए पैसा मिल गया है। चूंकि ये 'जीरो-कूपन' इंस्ट्रूमेंट हैं, इसलिए 3 साल के कार्यकाल के दौरान कंपनी को कोई नियमित ब्याज (Interest) नहीं देना होगा।
हालांकि, निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि ये डिबेंचर्स 'अनसिक्योर्ड' हैं, यानी इनके बदले कोई संपत्ति गिरवी नहीं रखी गई है। कंपनी की मैच्योरिटी डेट 21 सितंबर, 2029 तय की गई है।
रिस्क और आगे का रास्ता
अगर कंपनी समय पर भुगतान करने में 3 महीने से ज्यादा की देरी करती है, तो कूपन रेट पर 2% का अतिरिक्त पीनल इंटरेस्ट देना होगा। शेयरधारकों को अब कंपनी के कैश फ्लो और कर्ज चुकाने की क्षमता पर बारीक नजर रखने की जरूरत है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि भविष्य में यह बोझ कंपनी के मुनाफे पर असर न डाले।
