Ballarpur Industries अपने कर्ज को जुटाने की तैयारी में है। कंपनी **₹400 करोड़** के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी करेगी और अपनी कुल उधारी सीमा को बढ़ाकर **₹2,000 करोड़** करने का प्रस्ताव रखा है।
बड़ा कर्ज जुटाने की तैयारी
Ballarpur Industries ने अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। कंपनी के बोर्ड ने 40,000 नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी करने की मंजूरी दी है, जिनका फेस वैल्यू ₹1,00,000 प्रति डिबेंचर है। इससे कंपनी को ₹400 करोड़ की राशि प्राप्त होगी।
उधारी की सीमा में इजाफा
इस फंड जुटाने की प्रक्रिया के अलावा, कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर के लिए अपनी उधारी सीमा में बदलाव का प्रस्ताव दिया है। कंपनी 'कंपनीज एक्ट, 2013' के सेक्शन 180(1)(c) के तहत अपनी बोरिंग लिमिट को मौजूदा ₹1,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹2,000 करोड़ करना चाहती है। इसके साथ ही, लोन और निवेश की सीमा को भी बढ़ाकर ₹1,000 करोड़ करने का लक्ष्य है।
प्रक्रिया और निगरानी
इन प्रस्तावों को लागू करने के लिए कंपनी अब पोस्टल बैलेट के जरिए शेयरधारकों की मंजूरी लेगी। रिमोट ई-वोटिंग की जिम्मेदारी NSDL को दी गई है, जबकि Viral Sanghvi & Associates इस पूरी प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच करेंगे। फंड के सही इस्तेमाल पर नजर रखने के लिए कंपनी ने एक डेडिकेटेड इन्वेस्टमेंट कमिटी का भी गठन किया है।
निवेशकों के लिए अब अहम यह होगा कि वे पोस्टल बैलेट की तारीखों और कंपनी द्वारा फंड को बाजार से उठाने की गति पर नजर रखें, क्योंकि यही कंपनी की तात्कालिक लिक्विडिटी जरूरतों का संकेत देगी।
