हाल ही में लिस्ट हुई Bajaj Housing Finance ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर **18%** की बढ़त के साथ **₹757 करोड़** रहा, जबकि एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) में **25%** का उछाल दर्ज किया गया है।
मुनाफे की रफ्तार और बिजनेस का विस्तार
Bajaj Housing Finance ने अपनी दूसरी तिमाही के नतीजों में अपनी मजबूत पकड़ का अहसास कराया है। कंपनी का मुनाफा पिछले साल की इसी तिमाही के ₹643 करोड़ से बढ़कर ₹757 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं, कंपनी का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) भी ₹1,26,749 करोड़ से 25% बढ़कर ₹1,58,205 करोड़ हो गया है। तिमाही के दौरान ऑपरेशन्स से प्राप्त कुल रेवेन्यू ₹3,250.57 करोड़ रहा।
सेगमेंट के हिसाब से प्रदर्शन
विकास की यह रफ्तार सभी प्रमुख सेगमेंट्स में देखी गई है:
- होम लोन: कंपनी के पोर्टफोलियो का सबसे बड़ा हिस्सा, जो 22% बढ़कर ₹85,224 करोड़ हो गया है।
- लीज रेंटल डिस्काउंटिंग: इसमें सबसे ज्यादा तेजी देखी गई और यह 39% की छलांग के साथ ₹37,988 करोड़ पहुंच गया है।
- लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी: इसमें 26% की वृद्धि के साथ आंकड़ा ₹16,382 करोड़ रहा।
- डेवलपर फाइनेंस: यह 13% बढ़कर ₹16,904 करोड़ पर आ गया है।
क्या है चिंता की बात? (Risks to watch)
कंपनी की ग्रोथ भले ही दमदार हो, लेकिन निवेशकों को फाइनेंस कॉस्ट पर नजर रखनी होगी। यह पिछले साल के ₹1,658 करोड़ से बढ़कर इस तिमाही में ₹1,997 करोड़ हो गई है। बढ़ते कर्ज की लागत नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर दबाव डाल सकती है। वहीं, एसेट क्वालिटी की बात करें तो कंपनी ने अपनी साख बरकरार रखी है—ग्रॉस NPA 0.29% और नेट NPA 0.12% पर स्थिर बना हुआ है।
आगे के लिए निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी होंगी कि क्या कंपनी बढ़ते लोन बुक के साथ इस शानदार NPA लेवल को मैनेज कर पाती है या नहीं।
