Bajaj Holdings का शानदार प्रदर्शन: FY26 में **264%** बढ़ा मुनाफा, कंपनी बनी Unregistered CIC

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Bajaj Holdings का शानदार प्रदर्शन: FY26 में **264%** बढ़ा मुनाफा, कंपनी बनी Unregistered CIC

Bajaj Holdings & Investment Ltd. ने FY26 के लिए अपने स्टैंडअलोन मुनाफे में **264%** की भारी उछाल दर्ज की है, जो ₹4,707.80 करोड़ रहा। कंपनी ने खुद को Unregistered Core Investment Company (CIC) के रूप में रीक्लासिफाई करने के लिए आवेदन भी किया है और ₹130 प्रति शेयर का डिविडेंड (Dividend) देने की सिफारिश की है।

Bajaj Holdings का दमदार वित्तीय वर्ष 2026

Bajaj Holdings & Investment Ltd. ने वित्तीय वर्ष 2026 (FY2026) के नतीजे पेश किए हैं, जिसमें कंपनी ने शानदार प्रदर्शन किया है। स्टैंडअलोन आधार पर, कंपनी का मुनाफा 264% बढ़कर ₹4,707.80 करोड़ हो गया, जो पिछले वित्तीय वर्ष (FY2025) में ₹1,291.83 करोड़ था। वहीं, कंसोलिडेटेड आधार पर भी कंपनी के मुनाफे में 48% की वृद्धि दर्ज की गई है, जो ₹9,636.75 करोड़ तक पहुंच गया, जबकि FY2025 में यह ₹6,520.67 करोड़ था।

कंपनी बनी Unregistered CIC

वित्तीय नतीजों के साथ, कंपनी ने एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम उठाया है। Bajaj Holdings ने खुद को एक Unregistered Core Investment Company (CIC) के रूप में रीक्लासिफाई करने के लिए आवेदन किया है। यह कदम कंपनी की निवेश होल्डिंग प्रकृति के अनुरूप है और इससे रेगुलेटरी अनुपालन में आसानी हो सकती है।

निवेशकों को ₹130 का डिविडेंड

शेयरधारकों को खुश करते हुए, कंपनी ने ₹130 प्रति शेयर के कुल डिविडेंड की सिफारिश की है। इसमें समूह की शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में ₹50 का विशेष डिविडेंड भी शामिल है।

मुनाफे की वजह और भविष्य की रणनीति

कंपनी का यह शानदार प्रदर्शन मुख्य रूप से समूह की अन्य कंपनियों से मिले डिविडेंड और इक्विटी शेयर की बिक्री से हुए लाभ के कारण संभव हुआ है। कंपनी ने जनवरी 2026 में Bajaj General Insurance और Bajaj Life Insurance में बड़ी हिस्सेदारी ₹16,333.30 करोड़ में हासिल की थी, जिसके लिए आंशिक फंडिंग जून 2025 में Bajaj Finserv के शेयर बेचकर की गई थी।

आगे क्या?

निवेशकों को अब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से CIC रीक्लासिफिकेशन आवेदन की मंजूरी का इंतजार रहेगा। इसके अलावा, कंपनी के प्रमुख निवेशों, खासकर वित्तीय सेवा क्षेत्र की कंपनियों के प्रदर्शन पर भी नजर रखी जाएगी। साथ ही, कंपनी की भविष्य की कैपिटल एलोकेशन स्ट्रैटेजी भी महत्वपूर्ण होगी।

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