Bajaj Finance ने नॉन-कंवर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) के जरिए **₹5,000 करोड़** जुटाने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। **8.15%** के कूपन रेट वाले ये **10 साल** के इंस्ट्रूमेंट्स कंपनी को लंबी अवधि की लिक्विडिटी मजबूत करने में मदद करेंगे।
बाजार से जुटाया बड़ा फंड
Bajaj Finance ने अपनी विस्तार योजनाओं को गति देने के लिए ₹5,000 करोड़ का फंड जुटाया है। कंपनी की डिबेंचर अलॉटमेंट कमेटी ने 27 अगस्त, 2026 को इसके अलॉटमेंट को मंजूरी दी। ये डिबेंचर्स BSE के होलसेल डेट मार्केट में लिस्ट किए जाएंगे और इनकी मैच्योरिटी 27 अगस्त, 2036 को होगी।
क्यों है यह रणनीतिक कदम?
कंपनी ने 10 साल के लिए 8.15% के कूपन रेट पर यह राशि जुटाई है। इस कदम से कंपनी को लंबी अवधि के लिए फंड की उपलब्धता सुनिश्चित होगी, जिससे वे अपने कंज्यूमर और SME बिजनेस सेगमेंट में कर्ज बांटने की प्रक्रिया को और मजबूती से आगे बढ़ा पाएंगे।
सुरक्षा और कवेनेंट्स (Security and Covenants)
निवेशकों की सुरक्षा के लिए यह डेट कंपनी की लोन रिसीवेबल्स और बुक डेट्स पर सुरक्षित है। कंपनी ने एक 'टायर्ड एसेट कवर' स्ट्रक्चर बनाया है, जिसमें ओरिजिनल इन्वेस्टर्स के लिए 1.10x और बाद के धारकों के लिए 1.00x का कवर अनिवार्य है।
निवेशकों के लिए खास सुरक्षा (Special Protections)
- स्टेप-अप क्लॉज: अगर रेटिंग 'AA-' या इससे नीचे गिरती है, तो ओरिजिनल इन्वेस्टर्स को 25 बेसिस पॉइंट्स तक ब्याज बढ़ने का लाभ मिलेगा।
- रिकॉल ऑप्शन: रेटिंग 'A' या उससे नीचे जाने पर निवेशकों के पास पूरा पैसा वापस मांगने का अधिकार होगा।
आने वाले समय में निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि कंपनी का एसेट-लायबिलिटी मैनेजमेंट (ALM) अगले क्वार्टर में कैसा प्रदर्शन करता है।
