NBFC सेक्टर की दिग्गज कंपनी Bajaj Finance ने फंड जुटाने का बड़ा फैसला लिया है। कंपनी QIP और वारंट्स के जरिए कुल **₹17,500 करोड़** का कैपिटल जुटाने की तैयारी में है, जिसका मकसद अपने लेंडिंग बिजनेस को और विस्तार देना है।
फंड जुटाने का प्लान
कंपनी के बोर्ड ने इस बड़े फंड रेज को मंजूरी दे दी है। इसके तहत ₹11,700 करोड़ का फंड 'क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशंस प्लेसमेंट' (QIP) के जरिए जुटाया जाएगा, वहीं ₹5,800 करोड़ प्रमोटर Bajaj Finserv को वारंट्स जारी करके जुटाए जाएंगे।
क्यों है यह जरूरी?
Bajaj Finance अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करना चाहती है ताकि तेजी से बढ़ते लोन पोर्टफोलियो को सपोर्ट मिल सके। प्रमोटर की तरफ से वारंट्स लेना कंपनी के लॉन्ग-टर्म ग्रोथ विजन में उनके भरोसे को दर्शाता है।
वारंट्स की शर्तें
Bajaj Finserv को जारी किए जाने वाले वारंट्स के लिए 25% राशि पहले देनी होगी, जबकि बाकी 75% राशि कन्वर्जन के समय देय होगी। इन वारंट्स के लिए 18 महीने का समय तय किया गया है। अगर 18 महीने के भीतर वारंट्स का इस्तेमाल नहीं होता है, तो जमा की गई राशि जब्त (Forfeit) कर ली जाएगी।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks)
इस कदम से इक्विटी डाइल्यूशन का असर पड़ सकता है। नए शेयर जारी होने से शेयरधारकों की हिस्सेदारी कम हो सकती है और अर्निंग पर शेयर (EPS) पर दबाव देखने को मिल सकता है। अब निवेशकों की नजरें कंपनी की होने वाली एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) पर टिकी हैं, जहां इस पूरे प्लान को अंतिम मंजूरी दी जाएगी।
